हितों के टकराव के मामले में महेंद्र सिंह धोनी की कप्‍तानी वाली चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स के मालिक एन श्रीनिवासन के बेटी रुपा गुरुनाथ पर बीसीसीआई की गाज गिरी है. बीसीसीआई के नैतिक अधिकारी ने उन्‍हें हितों के टकराव का दोषी पाया. रुपा गुरुनाथ मौजूदा वक्‍त में तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीएनसीए) की अध्यक्ष भी हैं.

चेन्‍नई सुपर किंग्‍स का मालिकाना हक इंडिया सीमेंट लिमिटेड (आईसीएल) के पास है. रूपा गुरुनाथ इसमें पूर्णकालिक निदेशक हैं. बीसीसीआई ने नैतिक अधिकारी जैन ने डीके जैन ने 13 पन्नों के अपने आदेश में कहा कि चेन्‍नई सुपर किंग्‍स फ्रेंचाइजी (CSKCL) आईसीएल समूह का हिस्सा है. सीएसकेसीएल के पास आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स का स्वामित्व है.

टीएनसीए इस आदेश को अदालत में चुनौती दे सकता है. रूपा के खिलाफ शिकायत इंदौर के संजीव गुप्ता ने कराई थी जो मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के पूर्व आजीवन सदस्य हैं.

जैन ने अपने आदेश में लिखा,‘‘ये सभी तथ्य दर्शाते हैं कि आईसीएल समूह के अंतर्गत कई इकाइयों का जाल बुना गया जिसमें सीएसकेसीएल भी शामिल है. इन सभी इकाइयों का प्रबंधन और संचालन प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से आईसीएल के बोर्ड के पास था, इसके बावजूद बचाव पक्ष ने कहा कि आईसीएल की सीएसकेसीएल में कोई हिस्सेदारी नहीं है. ’’

डीके जैन ने अपने आदेश में आगे लिखा, ‘‘मौजूदा तथ्यात्मक हालात को देखते हुए यह निष्कर्ष निकालना सुरक्षित होगा कि प्रतिवादी (रूपा), आईसीएल की पूर्णकालिक निदेशक और प्रमोटर के रूप में, उनका आईसी शेयरहोल्डर्स ट्रस्ट एवं सीएसकेसीएल के निदेशकों से करीबी रिश्ता है जिनका बीसीसीआई के साथ फ्रेंचाइजी करार है. यह नियम 1 (1) के अंतर्गत हितों के टकराव का प्रारूप है.’’

यह जैन के अंतिम आदेशों में से एक हो सकता है क्योंकि उनका अनुबंध सात जून को खत्म हो रहा है और बीसीसीआई को फैसला करना है कि वे अनुबंध बढ़ाते हैं या नहीं.

यह देखना रोचक होगा कि बीसीसीआई का रुख क्या रहेगा और वे रूपा को टीएनसीए अध्यक्ष पद से हटने के लिए कहते हैं या नहीं. बोर्ड राज्य संघ को इस फैसले के खिलाफ नए नैतिक अधिकारी के समक्ष या अदालत में अपील की स्वीकृति भी दे सकता है.