श्रीसंत © IANS
श्रीसंत © IANS

आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में केरल हाईकोर्ट ने तेज गेंदबाज एस श्रीसंत से लाइफ बैन हटा दिया था लेकिन अब उसके इस फैसले को बीसीसीआई ने चुनौती दे दी है। बीसीसीआई ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील कर दी है। बीसीसीआई ने फैसले के खिलाफ अपील करते हुए कहा है कि हाईकोर्ट का फैसला मौजूदा मानदंडो के उलट था। आपको बता दें केरल हाईकोर्ट की सिंगल जज बेंच ने श्रीसंत के ऊपर से लाइफ बैन हटाया था जिसे बीसीसीआई ने चुनौती दे डाली है।

श्रीसंत से लाइफ बैन हटाने वाले फैसले के खिलाफ बीसीसीआई की अपील पहले से ही मीडिया में आ गई थी। इस खबर पर श्रीसंत ने बीसीसीआई के खिलाफ काफी गुस्सा भी उगला था। श्रीसंत ने ट्विटर पर लिखते हुए बीसीसीआई के खिलाफ कहा था, ‘ ‘बीसीसीआई, मैं तुमसे भीख नहीं मांग रहा हूं, मैं अपना हक मांग रहा हूं। बीसीसीआई भगवान से ऊपर नहीं है। मैं दोबारा जरूर खेलूंगा।’ इसके बाद श्रीसंत ने भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग के मामले पर दोहरी नीति का आरोप लगाया और ट्वीट किया, ‘अगर बीसीसीआई भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी रखता है तो चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स की वापसी क्यों हो रही है?’

आपको बता दें पिछले साल 2016 में दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने भी श्रीसंत को 2013 आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में क्लीन चिट दे दी थी। इस फैसले के बाद श्रीसंत बीसीसीआई के पास गए थे और बैन हटाए जाने को लेकर गुजारिश की थी लेकिन उनकी याचिका नामंजूर कर दी गई थी। इसके बाद वो केरल हाईकोर्ट गए और वहां उन्होंने कहा कि कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी लेकिन उसके बावजूद क्रिकेट बॉडी उन्हें परेशान कर रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि इस बैन के कारण उनका करियर बर्बाद हो रहा है। ये भी पढ़ें: हार के बाद स्टीवन स्मिथ की ‘बहानेबाजी’ पर युजवेंद्र चहल का ‘करारा जवाब’

साल 2013 में दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत को उनके दो राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों के साथ गिरफ्तार किया था। ये दो अन्य खिलाड़ी अजित चंदिला और अंकित चव्हाण थे। इन सभी पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप थे। बाद में इनपर बीसीसीआई ने जिंदगीभर क्रिकेट न खेलने का बैन लगा दिया था।