BCCI: For CA to modulate men and women cricket is unprofessional
महिला क्रिकेट टीम © IANS

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने जब महिला टी-20 चैलेंज के लिए तीन टीमों का ऐलान किया तब तीन टीमों में किसी भी |स्ट्रेलियाई महिला खिलाड़ी का नाम न होने से सभी को हैरानी हुई थी। छह मई से शुरू हो रहे महिला टी-20 चैलेंज में सुपरनोवाज, ट्रेलब्लैजर्स और वेलोसिटी नाम की तीन टीमें हैं। इन तीनों टीमों में से किसी भी टीम में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का नाम नहीं है।

अब ये पता चला है कि ये क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) की बीसीसीआई के साथ पुरुष टीम की वनडे सीरीज को लेकर हुए विवाद के कारण जानबूझ कर अपनी खिलाड़ियों को टी-20 चैलेंज से बाहर रखने का फैसला है। भारतीय बोर्ड ने सीए से जनवरी-2020 में ऑस्ट्रेलिया से भारत में वनडे सीरीज खेलने का प्रस्ताव रखा था लेकिन इस प्रस्ताव से ऑस्ट्रेलिया के प्रसारणकर्ता को परेशानी हुई क्योंकि उन्हें उस समय कोई भी घरेलू सीरीज नहीं मिलेगी।

बीसीसीआई अधिकारी का कहना है कि इस पर प्रतिक्रिया देना का ये (महिला खिलाड़ियों का अनुमति न देना) सीए का सही तरीका नहीं है। अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “क्या कोई बता सकता है कि इसमें कोई संबंध है? 2020 में पुरुष टीमों के बीच जो वनडे सीरीज खेली जानी है उसका महिला क्रिकेट से क्या लेना देना। ये गैरपेशेवर रवैया है।”

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सीए की अधिकारी बेलिंडा क्लार्क के आईपीएल प्रबंधन को लिखे मेल में ये साफ जाहिर होता है कि सीए ने अपनी महिला खिलाड़ियों को लीग में खेलने की अनुमति पुरुष टीम की वनडे सीरीज को लेकर विवाद के चलते नहीं दी।

मेल में लिखा है, “हम इस अपील को तब कबूल करने के लिए तैयार होंगे जब पुरुष टीमों के बीच जनवरी-2020 में प्रस्तावित वनडे सीरीज का मुद्दा राहुल जौहरी (बीसीसीआई सीईओ) और केविन रॉबर्टस (सीए सीईओ) के बीच सुलझा लिया जाएगा।”

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लेकिन सीए के प्रवक्ता ने जब कहा कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी इस समय उपलब्ध हैं तब एक नई कहानी निकल कर सामने आई। सीए प्रवक्ता ने कहा, “सीए ने कभी नहीं कहा कि खिलाड़ी उपलब्ध नहीं हैं। हम इस मुद्दे पर बीसीसीआई से बात कर रहे हैं और उन्हें वीजा हासिल करने की प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “हमने कल ही पुष्टि कर दी थी कि खिलाड़ियों को अनुमति दी जाएगी और वो छह मई से शुरू रहे टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकेंगी। उस समय ऐसे कोई संकेत नहीं थे कि इस तरह की समस्या है।”