add cricketcountry as a Preferred Source
Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source
×

मेरे भविष्य का फैसला BCCI को करना है, लेकिन मेरी सफलताओं को मत भूलना: गंभीर

भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा है कि उनके भविष्य पर फैसला बीसीसीआई को करना है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट अहम है मैं नहीं.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - November 26, 2025 3:31 PM IST

गुवाहाटी: आलोचनाओं से घिरे भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बुधवार को कहा कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली करारी हार के बाद उनके भविष्य पर फैसला भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को करना है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि उनके कार्यकाल में टीम ने कितनी सफलता हासिल की है.

गंभीर बुधवार को यहां दूसरे टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका के हाथों 408 रन से मिली शर्मनाक हार के बाद बोल रहे थे, जिससे मेहमान टीम ने सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली.

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘मेरे भविष्य का फैसला BCCI को करना है. लेकिन मैं वही व्यक्ति हूं जिसने इंग्लैंड में आपको अनुकूल परिणाम दिलाए और मैं चैंपियंस ट्रॉफी में भी कोच था.’

उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की खिताबी जीत और इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर 2-2 से ड्रॉ रही श्रृंखला का जिक्र किया.

गंभीर ने साउथ अफ्रीका से 0-2 से मिली हार के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, ‘गलती सभी की है और इसकी शुरुआत मुझसे होती है. हमें बेहतर खेल दिखाना होगा. पहली पारी में एक समय हमारा स्कोर एक विकेट पर 95 रन था जो सात विकेट पर 122 रन हो गया. यह स्वीकार्य नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘आप किसी एक व्यक्ति या किसी ख़ास शॉट को दोष नहीं दे सकते. दोष सबका है. मैंने कभी किसी एक व्यक्ति को दोष नहीं दिया और आगे भी ऐसा नहीं करूंगा.‘

गंभीर के नेतृत्व में भारत ने 18 टेस्ट मैचों में से 10 में हार का सामना किया है, जिसमें पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ और अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली हार भी शामिल है. गुवाहाटी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की हार टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से उसकी सबसे बड़ी हार है.

उन्होंने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए आपको बेहद तेज़तर्रार और प्रतिभाशाली क्रिकेटरों की ज़रूरत नहीं है. हमें सीमित कौशल वाले मज़बूत मानसिकता वाले खिलाड़ियों की ज़रूरत है. वे अच्छे टेस्ट क्रिकेटर बनते है.’