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Asia Cup से पहले टीम इंडिया और ड्रीम 11 का रिश्ता खत्म, कौन होगा अगला स्पॉन्सर ? रेस में...

संसद के उच्च सदन में कानून पारित होने के बाद जारी एक हालिया बयान में ड्रीम11 ने कहा, हम हमेशा से कानून का पालन करने वाली कंपनी रहे हैं और हमेशा कानून के अनुसार अपना व्यवसाय करते रहे हैं.

Edited By : Akhilesh Tripathi |Aug 25, 2025, 12:18 PM IST

Published On Aug 25, 2025, 12:18 PM IST

Last UpdatedAug 25, 2025, 12:18 PM IST

Surya Kumar Yadav

BCCI lose Dream 11 as Title Sponsor: एशिया कप से पहले बीसीसीआई को बड़ा झटका है. फैंटेसी स्पोर्ट्स की दिग्गज कंपनी ड्रीम 11 और टीम इंडिया का रिश्ता टूट गया है. ड्रीम 11 अब भारतीय क्रिकेट टीम की टाइटल स्पॉन्सरशिप नहीं रहेगी. बीसीसीआई सचिव ने भी इसकी पुष्टि कर दी है.

जुलाई 2023 में ड्रीम11 ने एडटेक कंपनी बायजू की जगह भारतीय क्रिकेट टीम के लीड स्पॉन्सर के रूप में तीन साल का करार किया था, यह करार 358 करोड़ रुपये में हुआ था. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में ड्रीम11 की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही, वीवो के हटने के बाद साल 2020 में यह लीड स्पॉन्सर था.

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केंद्र सरकार की तरफ से संसद के दोनों सदनों में ‘ऑनलाइन गेमिंग के प्रचार और विनियमन विधेयक 2025’ पारित किए जाने के बाद कंपनी से बीसीसीआई को इसकी सूचना दी है. नए विधेयक से क्रिकेट की राजस्व धारा बुरी तरह प्रभावित हो सकती है क्योंकि ड्रीम11 और माई 11सर्कल संयुक्त रूप से भारतीय क्रिकेट टीम और इंडियन प्रीमियर लीग के टाइटल स्पॉन्सरशिप के माध्यम से बीसीसीआई को लगभग 1000 करोड़ रुपये का योगदान देते हैं.

ड्रीम11 का भारतीय क्रिकेट टीम का टाइटल स्पॉन्सर होने के लिए 2023-2026 के लिए 44 मिलियन अमेरिकी डॉलर (358 करोड़ रुपये) का अनुबंध है. हालांकि, सरकारी विधेयक पारित होने के बाद, जिसमें कहा गया था कि कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाएं प्रदान नहीं करेगा, सहायता नहीं करेगा, उकसाएगा नहीं, प्रेरित नहीं करेगा, लिप्त नहीं होगा, न ही ऐसे किसी विज्ञापन में शामिल होगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी व्यक्ति को कोई ऑनलाइन मनी गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित करता हो, इसने भारत की सभी प्रमुख फ़ैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनियों के मुख्य राजस्व स्रोत पर ताला लगा दिया.

बीसीसीआई ने किया कंफर्म

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इसकी पुष्टि कर दी है. अब बीसीसीआई नए लीड स्पॉन्सर की तलाश पर विचार-विमर्श कर रहा है. देवजीत सैकिया ने आईएएनएस से कहा, नए कानून के तहत, बीसीसीआई के लिए ड्रीम11 या किसी अन्य समान गेमिंग कंपनी के साथ करार जारी रखना मुश्किल होगा, मुझे नहीं लगता कि बीसीसीआई अब ड्रीम11 के साथ करार जारी रख पाएगा, हम इस समय विकल्प पर विचार कर रहे हैं.

हमें एक विकल्प की तलाश है: बीसीसीआई सचिव

9 सितंबर से यूएई में पुरुष टी20 एशिया कप की शुरुआत होने जा रही है, जिसमें अब बहुत ही कम समय बचा है. यह पूछे जाने पर कि क्या बीसीसीआई भारतीय टीम के स्पॉन्सर के लिए जल्द ही एक नया टेंडर जारी करेगा. सैकिया ने कहा, हमने अभी तक कुछ भी तय नहीं किया है, लेकिन हमें अब एक विकल्प तलाशना होगा, ड्रीम11 के जाने से स्पॉन्सरशिप स्लॉट खाली हो जाएगा, इसलिए, हमें एक विकल्प की तलाश है, हमें इसके लिए क्या करना होगा और कैसे करना होगा, इस पर हम अभी विचार-विमर्श कर रहे हैं, नए कानून के तहत, ड्रीम11 अब हमारे साथ नहीं रहेगा.

हम कानून का सम्मान करेंगे : ड्रीम 11

हालांकि नया विधेयक सोशल गेमिंग और सब्सक्रिप्शन आधारित उपयोग की अनुमति देता है, लेकिन रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध का मतलब है कि उनकी राजस्व धारा का सबसे बड़ा हिस्सा खत्म हो जाएगा. संसद के उच्च सदन में कानून पारित होने के बाद जारी एक हालिया बयान में, ड्रीम11 ने कहा, हम हमेशा से कानून का पालन करने वाली कंपनी रहे हैं और हमेशा कानून के अनुसार अपना व्यवसाय करते रहे हैं, हालांकि हमारा मानना ​​है कि प्रगतिशील कानून ही आगे बढ़ने का रास्ता होता, हम कानून का सम्मान करेंगे और ‘ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक 2025’ का पूरी तरह पालन करेंगे.

फ़ैंटेसी गेमिंग उद्योग के एक जानकार ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया कि बिल में असली पैसे वाले गेमिंग पर प्रतिबंध लगने के बाद से ही इसकी संभावनाएँ साफ़ दिख रही थी, फैंटेसी बाज़ार के सभी प्रमुख खिलाड़ियों के राजस्व का कम से कम 90 प्रतिशत हिस्सा इसी से आता है, अगला दिलचस्प चरण यह होगा कि My11Circle जो IPL का आधिकारिक फ़ैंटेसी पार्टनर होने के लिए BCCI को सालाना 125 करोड़ रुपये देता है, वो क्या फैसला लेता है ? हालांकि ऐसी स्थिति में उन्हें भी Dream11 की राह पर चलना पड़ सकता है. इसके अलावा जहां तक विभिन्न ऐप्स के ज़रिए क्रिकेटरों के व्यक्तिगत प्रचार का सवाल है, उस बाज़ार पर भी गहरा असर पड़ेगा.

कौन होगा अगला स्पॉन्सर ?

भारतीय क्रिकेट टीम का नया स्पॉन्सर बनने के लिए बीसीसीआई के सामने कई दावेदार हैं. मगर जिन नामों की चर्चा अगले स्पॉन्सर के लिए हो रही है, उसमें टाटा ग्रुप, जियो डिजिटल और टेलीकॉम इंड्रस्ट्रीज, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां शामिल है. इनके अलावा फिनटेक कंपनियां भी रेस में शामिल है.

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