आईसीसी की बैठक में बीसीसीआई बड़ा झटका © Getty Images
आईसीसी की बैठक में बीसीसीआई बड़ा झटका © Getty Images

चैंपियंस ट्रॉफी से पहले बीसीसीआई और आईसीसी के बीच चल रहे विवाद में एक बड़ा और अहम मोड़ आया है। राजस्व और प्रशासन के ढांचे में बदलाव को लेकर आईसीसी की बैठक में बीसीसीआई को करारा झटका लगा है। इस बैठक में बीसीसीआई की बुरी तरह हार हुई है। बीसीसीआई के दोनों प्रस्ताव गिर गए हैं। गवर्नेंस एंड कॉस्टीट्यूशनल चेंजेस यानी प्रशासनिक और संवैधानिक बदलाव को लेकर हुई वोटिंग में बीसीसीआई को 1-9 से शिकस्त खानी पड़ी। रेवेन्यू मॉडल पर भी बीसीसीआई का प्रस्ताव खारिज हो गया. हालांकि यहां उन्हें एक वोट ज्यादा मिला. प्रस्ताव 2-8 से गिर गया. बीसीसीआई का साथ सिर्फ श्रीलंका ने दिया।

इससे पहले मंगलवार को बीसीसीआई ने अतिरिक्त 10 करोड़ डॉलर देने का आईसीसी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। दुबई में मौजूद बीसीसीआई के एक सीनियर सूत्र ने कहा था कि, “आईसीसी अध्यक्ष शशांक मनोहर ने हमें नये वित्तीय मॉडल में 10 करोड़ डॉलर अतिरिक्त देने की पेशकश की थी लेकिन हम इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे।” प्रस्ताव को एक सिरे से खारिज करने का कारण पूछने पर अधिकारी ने कहा कि “शशांक मनोहर और बीसीसीआई के बीच आपसी विश्वास नहीं है। मनोहर तय नहीं करेंगे कि बीसीसीआई को क्या मिलना चाहिये। ये भी पढ़ें-चैंपियंस ट्रॉफी में भाग नहीं लेगा भारत?

” प्रस्तावित राजस्व मॉडल पर आईसीसी और बीसीसीआई में ठनी हुई है क्योंकि इसमें भारत का हिस्सा कम किया जा रहा है। मौजूदा राजस्व वितरण मॉडल में बीसीसीआई को आईसीसी से 57 करोड़ 90 लाख डॉलर मिलते हैं। मनोहर के प्रस्ताव को अगर आईसीसी पारित कर देती है तो बीसीसीआई का हिस्सा 29 करोड़ डॉलर रह जाएगा जिसे प्रशासकों की समिति भी मंजूर नहीं करेगी। लेकिन बीसीसीआई के आईसीसी पर दबाव का कोई असर नहीं पड़ा है शायद इसीलिए बैठक में राजस्व और प्रशासन के ढांचे में बदलाव की बीसीसीआई की मांग वोटिंग के जरिए खारिज हो गई है।