बीसीसीआई ने मंगलवार को आईपीएल (IPL 2021) को स्‍थगित करने का ऐलान किया. बायो-बबल (Bio-Bubble) फूटने के बाद क्रिकेटर्स के लगातार संक्रमित होने की खबरों के बीच बीसीसीआई (BCCI) को ये निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ा. आईपीएल को अनिश्चित काल के लिए स्‍थगित करने से बीसीसीआई के दो हजार करोड़ रुपये अब अधर में अटक गए हैं.

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीसीसीआई को सबसे ज्‍यादा लाभ मैचों के प्रसारण से होता है. केवल 29 मैचों का ही प्रसारण होने के कारण स्‍टार इंडिया (Star India) से मिलने वाली ये राशि अब फंस गई है.

इसके अलावा आईपीएल के टाइटल स्‍पोंसर के नाते वीवो प्रत्‍येक सीजन के लिए बीसीसीआई को 440 करोड़ रुपये देता है. अब ये राशि भी पूरी नहीं मिलेगा. अधिकारी ने कहा ‘‘आईपीएल 2021 स्थगित करने से हमें 2000 से 2500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. मैं कहूंगा कि 2200 करोड़ रुपये की राशि अधिक सटीक होगी.’’

तय कार्यक्रम के अनुसार 52 दिन चलने वाले 60 मैचों के टूर्नामेंट का समापन 30 मई को अहमदाबाद में होना था. हालांकि सिर्फ 24 दिन क्रिकेट खेला गया और इस दौरान 29 मैचों के आयोजन हुआ.

स्टार इंडिया का पांच साल का अनुबंध 16 हजार 347 करोड़ रुपये का है जो प्रति वर्ष तीन हजार 269 करोड़ से कुछ अधिक होता है. अगर सत्र में 60 मैच होते हैं तो प्रत्येक मैच की राशि लगभग 54 करोड़ 50 लाख रुपये बनती है.

स्टार अगर प्रति मैच के हिसाब से भुगतान करता है तो 29 मैचों की राशि लगभग 1580 करोड़ रुपये होती है. ऐसे में बोर्ड को 1690 करोड़ का नुकसान होगा. अनअकेडमी, ड्रीम11, अपस्टॉक्स और टाटा मोटर्स जैसी सहायक प्रायोजक कंपनियां भी हैं जिसमें से प्रत्येक प्रति सत्र लगभग 120 करोड़ रुपये के आसपास भुगतान करती हैं.

अधिकारी ने कहा, ‘‘सभी भुगतानों को आधा या इससे कुछ कर दिया जाए और आपको लगभग 2200 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. असल में नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है लेकिन यह सत्र का अनुमानित नुकसान है.’’ इस नुकसान से केंद्रीय राजस्व पूल (बीसीसीआई जो पैसा आठ फ्रेंचाइजियों को बांटता है) की राशि भी लगभग आधी हो जाएगी.