कोरोना काल में इंस्‍टाग्राम चैट पर बातचीत करते हुए पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान (Irfan Pathan) और टीम से बाहर चल रहे उनके दोस्‍त सुरेश रैना (Suresh Raina) ने यह इच्‍छा जताई थी कि बीसीसीआई उन्‍हें विदेशी लीग में खेलने का मौका दे. दोनों ने सवाल उठाए थे कि बीसीसीआई की इस पॉलिसी के कारण वो विदेशी लीग में खेलकर अपनी फॉर्म वापस पाने से भी वंचित रह रहे हैं. इस मामले मे अब बीसीसीआई की तरफ से भी प्रतिक्रिया अ गई है.

न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान बीसीसीआई सूत्र ने कहा, “इस तरह के विचार उन खिलाड़ियों की तरफ से आ रहे हैं जो रिटायरमेंट के बेहद करीब हैं. हमें इन विचारों से किसी प्रकार की कोई समस्‍या नहीं है. हम बीसीसीआई की पॉलिसी के साथ ही चलेंगे.”

“जिन खिलाड़ियों के पास राष्‍ट्रीय कांट्रैक्‍ट नहीं हैं वो भी आईपीएल में बड़ा कांट्रैक्‍ट पा लेते हैं. रिटायरमेंट के पास आ चुके खिलाड़ियों द्वारा इस प्रकार के विचार रखना स्‍वाभाविक है. करियर के अंतिम पड़ाव पर आकर खिलाड़ी अपने हितों का साधने की इच्‍छा रखते हैं तो ऐसी सोच रखने में कोई बुराई नहीं है.”

अधिकारी ने कहा, “बीसीसीआई का नजरिया यह है कि हमें बोर्ड के हितों को साधना है. हमारी इच्‍छा यह है कि जिन खिलाड़ियों के पास केंद्रीय कांट्रैक्‍ट नहीं है उन्‍हें भी आईपीएल में अच्‍छा दाम मिल पाए.”