बीसीसीआई विश्व का सबसे धनाढ्य बोर्ड में से एक है © Getty Images
बीसीसीआई विश्व का सबसे धनाढ्य बोर्ड में से एक है © Getty Images

बीसीसीआई प्रेजीडेंट अनुराग ठाकुर ने घोषणा करते हुए बताया कि टेस्ट क्रिकेट को आर्थिक रूप से ज्यादा आकर्षित बनाने के लिए भारतीय खिलाड़ियों की टेस्ट मैच फी दुगुनी की जाएगी। अभी तक भारतीय खिलाड़ियों को 5 दिनों का टेस्ट मैच खेलने के लिए कुल 7 लाख रुपए मिलते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अब एक टेस्ट मैच खेलने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को 15 लाख रुपए दिए जाएंगे। अनुराग ठाकुर ने कहा, “हमने टेस्ट मैच की फीस दुगुनी कर दी है, क्योंकि हमें लगता है कि टेस्ट क्रिकेट को ज्यादा तवज्जो दी जानी चाहिए। हमारे बीच टेस्ट क्रिकेट को नई जेनरेशन के आगे ज्यादा आकर्षक और लोकप्रिय बनाने के लिए चर्चा हुई है। अगर हमें खिलाड़ियों के रुचि को टेस्ट क्रिकेट में जिंदा रखना है तो हमें ये निश्चित करना होगा कि टेस्ट क्रिकेटरों को अच्छा भुगतान किया जाए। हम इस बात से इंकार नहीं कर सकते कि टी20 लीग का खुमार नए क्रिकेटरों के बीच ज्यादा है।” [Also Read: भारत बनाम न्यूजीलैंड, दूसरा टेस्ट, फुल स्कोरबोर्ड]

पिछले दो सालों में टेस्ट क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने व इसके खोए हुए गौरव को वापस जिंदा करने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। इनमें सबसे अहम है नाइट- डे टेस्ट मैच का शुरू होना व टेस्ट मैचों में पिंक बॉल का इस्तेमाल करना जो पिछले दिनों काफी चर्चा में भी रहा था। आज कल जो भी टेस्ट मैच खेले जाते हैं उनमें ज्यादातर क्रिकेट स्टेडियम एकदम खाली रहते हैं। सिर्फ एशेज और भारत में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में ही भीड़ देखने को मिलती है। पिछले दिनों भारत में भी घरेलू टूर्नामेंट में पिंक बॉल का इस्तेमाल किया गया था। इस गेंद को लेकर क्रिकेटरों की ओर से भिन्न- भिन्न प्रतिक्रिया सुनने को मिली थीं। वर्तमान भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के सदस्य गौतम गंभीर इस संबंध में बयान दिया था कि पिंक बॉल से प्रयोग टेस्ट क्रिकेट में नहीं किया जाना चाहिए। प्रयोग ही करना है तो टी20 और वनडे क्रिकेट बेहतर हैं।

भारतीय टीम के भुगतान संबंधित निर्णय मुंबई में सोमवार को वर्किंग कमेटी मीटिंग में लिए गए। इसके बाद स्पेशल जनरल मीटिंग हुई जिसमें बीसीसीआई इस बात का निष्कर्ष नहीं निकाल पाई कि कैसे लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू किया जाए। यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है क्योंकि बीसीसीआई पहले से ही समिति द्वारा तय सीमा 30 सितंबर को पार कर चुकी है।