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विदेशी लीग्स के चक्कर में संन्यास ? BCCI का नया नियम उड़ा देगा होश

कुछ भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीग में हिस्सा लेने के लिए अपने इंटरनेशनल या घरेलू करियर से संन्यास ले रहे हैं. विजय शंकर का मामला हालिया उदाहरण है, उन्होंने हाल ही में भारतीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा की और खुद को लंका प्रीमियर लीग के लिए उपलब्ध करा दिया

Edited By : Akhilesh Tripathi |Jun 04, 2026, 11:30 PM IST

Published On Jun 04, 2026, 11:30 PM IST

Last UpdatedJun 04, 2026, 11:30 PM IST

BCCI Meeting

BCCI Meeting

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड भारतीय क्रिकेटरों के लिए एक रिटायरमेंट पॉलिसी बनाने की तैयारी में है. बीसीसीआई एपेक्स काउंसिल की गुरुवार शाम को ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें इसे लेकर चर्चा की गई. इसके अलावा बीसीसीआई मालदीव और फ़िजी की मदद भी करेगा.

यह मुद्दा इसलिए अहम हो गया है क्योंकि कुछ भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीग में हिस्सा लेने के लिए अपने इंटरनेशनल या घरेलू करियर से संन्यास ले रहे हैं. विजय शंकर का मामला हालिया उदाहरण है, उन्होंने हाल ही में भारतीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा की और खुद को लंका प्रीमियर लीग (LPL) के लिए उपलब्ध करा दिया. लंका प्रीमियर लीग में कैंडी रॉयल्स ने उन्हें 2026 सीज़न के लिए साइन कर लिया.

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विजय शंकर ही सिर्फ अकेले ऐसे भारतीय क्रिकेटर नहीं हैं जिन्होंने ऐसा किया है. पिछले कुछ सालों में, कई भारतीय क्रिकेटर्स ने यह कदम उठाया है, जिनमें दिनेश कार्तिक, उन्मुक्त चंद जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं.

एक खिलाड़ी के लिए कम से कम पांच साल का ‘कूलिंग-ऑफ’ पीरियड !

बीसीसीआई एपेक्स काउंसिल की गुरुवार शाम को ऑनलाइन बैठक हुई, आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया. उसने इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार BCCI के अध्यक्ष और सचिव पर छोड़ दिया. माना जा रहा है कि वह एक खिलाड़ी के लिए कम से कम पांच साल का ‘कूलिंग-ऑफ’ पीरियड (विराम अवधि) तय करने पर विचार कर रहा है, ताकि विदेशी लीग में खेलने के बाद वह दोबारा भारतीय क्रिकेट का हिस्सा बन सके. मौजूदा पॉलिसी के तहत, किसी भी सक्रिय भारतीय क्रिकेटर को चाहे वह इंटरनेशनल, घरेलू या IPL खिलाड़ी हो, विदेशी लीग में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं है.

मालदीव और फ़िजी की मदद करेगा बीसीसीआई

भारतीय क्रिकेट बोर्ड क्रिकेट के खेल को बढ़ावा देने के लिए फिजी और मालदीव के क्रिकेट बोर्ड की मदद करेगा. यह फैसला गुरुवार को हुई शीर्ष परिषद की बैठक में किया गया. बीसीसीआई इन देशों में कोच भेजने के अलावा अन्य तरीकों से भी उनकी मदद करेगा. इसका मकसद आईसीसी की उन कोशिशों को मजबूत करना है जिनके तहत इन उभरते हुए देशों में क्रिकेट के विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है.

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘हम अपने कुछ कोच वहां भेजेंगे और उन्हें हर मुमकिन मदद देंगे. बीसीसीआई ने 2019 में अपने पूर्व महाप्रबंधक (खेल विकास) और पूर्व क्रिकेटर सबा करीम के साथ ही भारत के पूर्व क्षेत्ररक्षण कोच अभय शर्मा को मालदीव के संक्षिप्त दौरे पर भेजा था जिससे कि वहां के हालात का जायजा लिया जा सके. बीसीसीआई ने पहले भी अब आईसीसी के पूर्ण सदस्य अफगानिस्तान और नेपाल जैसे देशों की मदद की है.

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