भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) को इस साल प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा नामांकित किए जाने की उम्मीद है जो 2019 में वरिष्ठता के आधार पर रविंद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) से पिछड़ गए थे।

बीसीसीआई के अधिकारियों के इस महीने के आखिर में पुरूष और महिला वर्गों के लिये नामांकन किए जाने की उम्मीद है लेकिन गुजरात का ये तेज गेंदबाज पिछले चार वर्षों में अपने शानदार प्रदर्शन के बूते सबसे काबिल उम्मीदवार है। महिला वर्ग में बोर्ड ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma) और तेज गेंदबाज शिखा पांडे (Shikha Pandey) के साथ नामांकित किया जा सकता है।

अगर बीसीसीआई पुरूष वर्ग में एक से ज्यादा नाम भेजता है तो सीनियर सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को भी तरजीह दी जा सकती है क्योंकि वो 2018 में इससे चूक गए थे जबकि बोर्ड ने उनका नामांकन भेजा था।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘पिछले साल, हमने पुरूष वर्ग में तीन नाम – बुमराह, रविंद्र जडेजा और मोहम्मद शमी – भेजे थे।’’

बुमराह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल दो साल ही पूरे किए थे जबकि चयन मानदंड के अनुसार खिलाड़ी ने शीर्ष स्तर पर कम से कम तीन साल तक प्रदर्शन किया हो इसलिए वो इसे हासिल नहीं कर पाए थे।

सूत्र ने कहा, ‘‘इसलिए बुमराह (जिन्होंने पिछले साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन साल पूरे किए) को नहीं बल्कि जडेजा को चुना गया जो उनसे सीनियर हैं और साथ ही कई सालों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।’’

276 साल के इस खिलाड़ी ने 14 टेस्ट में 68 विकेट, 64 वनडे में 104 विकेट और 50 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 59 विकेट हासिल किये हैं जिससे उन्होंने भारतीय टीम में शानदार प्रदर्शन किया है।

सूत्र ने कहा, ‘‘वो निश्चित रूप से बेहतरीन उम्मीदवार हैं। वो आईसीसी के नंबर एक रैंकिंग के गेंदबाज थे। वो एकमात्र एशियाई गेंदबाज हैं जिसने दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज में पांच-पांच विकेट झटके हैं।’’

ऐसी संभावना कम ही है कि बीसीसीआई इस बार मोहम्मद शमी का नाम भेजेगा क्योंकि उनकी पत्नी ने कथित घरेलू हिंसा में उनके खिलाफ पुलिस मामला दर्ज कराया हुआ है, जिसका मतलब है कि वह योग्य नहीं होंगे।

जहां तक धवन की बात है तो सीनियर होना एक कारण है क्योंकि उनके सभी समकक्ष (विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और जडेजा) को ये पुरस्कार मिल चुका है।

धवन हालांकि चोटों के कारण पिछले साल काफी समय तक क्रिकेट से दूर रहे थे। लेकिन बीसीसीआई के पूर्व अधिकारी ने कहा कि धवन के सीनियर होने की बात की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, ‘‘2018 में हमने धवन का नाम भेजा था लेकिन केवल स्मृति (मंधाना) को पुरस्कार मिला। इसलिए बीसीसीआई बुमराह और धवन दोनों के नाम भेज सकता है।”