BCCI to pay INR  4,900 crore in regards to hosting IPL
अगले साल आईपीएल के 11वें सीजन का आयोजन किया जाएगा © IANS

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को आईपीएल की मेजबानी करने के लिए 4,900 करोड़ की भारी रकम चुकानी होगी। इस राशि में सभी टैक्सों के साथ 2009 का टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका में आयोजित करने का शुल्क भी शामिल है। वहीं खबर है कि बीसीसीआई के कुछ अधिकारी चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासनिक समिति इस मामले पर नजर डालें। क्रिकबज में छपे एक बीसीसीआई अधिकारी के बयान के मुताबिक, “अगर सीओए एफटीवी (भविष्य के दौरों का कार्यक्रम) और खिलाड़ियों की सैलरी पर नजर रखना चाहती है तो उन्हें इस पर भी ध्यान देना चाहिए। ये आखिर किसका पैसा है? पहली बार बीसीसीआई और सीओए के अधिकारी किसी बात पर सहमत हो सकते हैं, ये एक अच्छी तस्वीर नहीं है।”

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उस अधिकारी के मुताबिक बोर्ड को साल के आखिर तक इस टूर्नामेंट से करीबन 9,000 करोड़ का फायदा होगा। हालांकि बोर्ड 4,900 अभी चुका देता है तो उसे थोड़ी आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी क्योंकि अभी बोर्ड को अगले आईपीएल के आयोजन के लिए भी पैसे देने हैं। उन्होंने आगे कहा, “अगर मान लें कि टाइटल राइट्स और दूसरे स्पॉन्सर्स को मिलाकर कुल 18,000 करोड़ होते हैं तो इसका आधा तो फ्रेंचाइजी को जाता है। बीसीसीआई के 9,000 करोड़ के हिस्से में उन्हें आईपीएल के प्रोडक्शन का खर्च, राज्य एसोसिएशन का हिस्सा और दूसरे कई सारे खर्च निपटाने हैं। इसमे से जो कुछ भी बचा, उसमें आपको ये 4,900 करोड़ भी चुकाना है।”

क्या है 4,900 करोड़ का हिसाब

2,420 करोड़ रुपये: प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े सभी मामलों (दक्षिण अफ्रीका में 2009 में आईपीएल आयोजन के संबंध में)

1,250 करोड़ रुपये: कोच्चि टस्कर्स सहित अन्य कानूनी मामलों के निपटारे के लिए

540 करोड़ रुपए: इनकम टैक्स

600 करोड़ रुपए: सर्विस टैक्स

90 करोड़ रुपए: सेल्स टैक्स/एमवैट

52.54 करोड़ रुपए: भारतीय प्रतियोगिता आयोग द्वारा लगाया शुल्क