बीसीसीआई ने अब तक चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम घोषित नहीं की है  © Getty Images
बीसीसीआई ने अब तक चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम घोषित नहीं की है © Getty Images

आईसीसी और बीसीसीआई के बीच राजस्व मॉडल को लेकर विवाद जारी है। खबर है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अतिरिक्त 10 करोड़ डॉलर देने का आईसीसी का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। दुबई में मौजूद बीसीसीआई के एक सीनियर सूत्र ने कहा, “आईसीसी अध्यक्ष शशांक मनोहर ने हमें नये वित्तीय मॉडल में 10 करोड़ डॉलर अतिरिक्त देने की पेशकश की थी। उन्होंने हमें समय सीमा भी दी है लेकिन हम इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे।” प्रस्ताव को एक सिरे से खारिज करने का कारण पूछने पर अधिकारी ने कहा कि शशांक मनोहर और बीसीसीआई के बीच आपसी विश्वास नहीं है।

उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव शशांक मनोहर ने रखा है। वो चेयरमैन हैं लेकिन वो ये तय नहीं कर सकते कि किसको क्या मिलना चाहिये, ये सदस्य तय करते हैं। हम सभी देशों के साथ फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं। मनोहर तय नहीं करेंगे कि बीसीसीआई को क्या मिलना चाहिये।” प्रस्तावित राजस्व मॉडल पर आईसीसी और बीसीसीआई में ठनी हुई है क्योंकि इसमें भारत का हिस्सा कम किया जा रहा है। मौजूदा राजस्व वितरण मॉडल में बीसीसीआई को आईसीसी से 57 करोड़ 90 लाख डॉलर मिलते हैं। [ये भी पढ़ें: आईपीएल 2017, लाइव स्कोर: बारिश की वजह से सनराइजर्स हैदराबाद बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर मैच में देरी]

मनोहर के प्रस्ताव को अगर आईसीसी पारित कर देती है तो बीसीसीआई का हिस्सा 29 करोड़ डॉलर रह जाएगा जिसे प्रशासकों की समिति भी मंजूर नहीं करेगी। विक्रम लिमये ने आईसीसी बोर्ड की पिछली बैठक में मॉडल का विरोध किया था। ये पूछने पर कि इस मसले पर बीसीसीआई का पक्ष क्या होगा, अधिकारी ने कहा, “मान लीजिये कि बीसीसीआई को 500 रूपये मिल रहे हैं और दूसरों को 100 रूपये मिल रहे हैं। अब इन सदस्य देशों को भी 200 रूपये की पेशकश की जा रही है। मनोहर उनका हिस्सा बढाने के लिये बीसीसीआई का हिस्सा 300 रूपये करना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम सदस्य देशों को आश्वासन दे रहे हैं कि हमारा हिस्सा 500 भी रहा तो हम ऐसा मॉडल बनायेंगे कि उनकी आय बढ़कर 200 हो जाये। हम पर भरोसा रखें कि हम राजस्व बढ़ाने वाला मॉडल लेकर आयेंगे।” [ये भी पढ़ें: चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तानी टीम का ऐलान, कामरान अकमल का पत्ता साफ]

बीसीसीआई चैम्पियंस ट्राफी के लिये टीम का ऐलान भी नहीं कर रही जिसकी आखिरी तारीख आज यानि 25 अप्रैल थी। आईसीसी का संविधान हालांकि कुछ परिस्थितियों में देशों को बाद में टीम का ऐलान करने की अनुमति भी देता है। अधिकारी ने कहा, “मुझे एक बात बताओ कि अगर हम टीम 5 मई को भी घोषित करते हैं तो क्या आईसीसी हमें खेलने से रोकेगा? हमारे पास टीम तय है और नाम का ऐलान करना औपचारिकता मात्र है।’