This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.
बीसीसीआई ने राहुल द्रविड़ के सुझावों को किया दरकिनार, पुराने ढर्रे पर ही चलेगा काम
अंडर-19 टीम ने राहुल द्रविड़ की कोचिंग में ही इस साल विश्वकप जीता है। बीसीसीआई ने कोचिंग में सुधार की सिफारिशों को ठुकराया।
Written by Sandeep Gupta
Last Published on - May 1, 2018 8:52 PM IST

द वॉल के नाम से पहचाने जाने वाले पूर्व बल्लेबाज राहुल द्रविड़ की कोचिंग में अंडर-19 टीम ने इसी साल न्यूजीलैंड में विश्व कप जीता है। पृथ्वी शॉ, शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को राहुल द्रविड़ ने कोचिंग देकर सुधारा। जिसकी मदद से उन्होंने विश्वकप में बड़ी-बड़ी टीमों को धूल चटाई। राहुल द्रविड़ की प्रतिभा का लोहा सभी मानते हैं, लेकिन बीसीसीआई शायद उनकी सलाह पर विचार करने में उतना तवज्जो नहीं देती है। राहुल द्रविड़ ने कोचिंग मैनुअल में सुधार को लेकर सिफारिशें दी थी, जिसे बीसीसीआई ने अब ठुकरा दिया है।
द्रविड़ ने मौजूदा सिस्टम को आउटडेटिड (पुराना) करार देते हुए इसमें बदलाव करने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि प्राथमिक स्तर पर क्रिकेट कोच को प्रशिक्षण देने के सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत है। द्रविड़ की सलाह के आधार पर तीन साल पहले इस पुराने कोचिंग सिस्टम को बंद कर दिया गया था। अब बीसीसीआई ने फिर से पुराने कोचिंग सिस्टम के इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है।
द्रविड़ की सिफारिशों को ठुकराने का ये है कारण
द्रविड़ का कहना था को कोचिंग स्टॉफ पर नए युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में उन्हें आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण देने की जरूरत है। बीसीसीआई के सूत्रों के मुताबिक राहुल द्रविड़ के सुझावों से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वो खुद नई तकनीक कोचिंग स्टॉफ के लिए लाना चाहते हैं। दरअसल, एक प्राइवेट कंपनी को नया मैनुअल बनाने के लिए कहा गया था, लेकिन वो निर्धारित समय में इसे पूरा नहीं कर पाई। जिसके बाद मौजूदा परिस्थितियों में मजबूरी में पुराने कोचिंग मैनुअल को ही एक बार फिर से प्रभावी कर दिया गया है।
