bcci will not drop virat kohli because of financial prospective says monty panesar
virat kohli

लंदन: इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने विराट कोहली की फॉर्म में आई गिरावट को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने यह भी बताया है कि क्या अपनी फॉर्म हासिल करने के लिए कोहली को अभी वक्त चाहिए। पनेसर ने यहां तक कहा कि बीसीसीआई चाहकर भी विराट कोहली को ड्रॉप नहीं कर सकती क्योंकि उनके दिमाग में आर्थिक पहलु होंगे।

कोहली पर हाल के दिनों में काफी दबाव है। वह करीब तीन साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाए हैं। लेकिन इसके बावजूद टीम प्रबंधन लगातार उन्हें सपॉर्ट कर रहा है।

पनेसर ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में कहा कि दुनियाभर में कोहली के बड़ी संख्या में फैन हैं जो उन्हें देखना पसंद करते हैं। इसलिए बीसीसीआई उन्हें ड्रॉप नहीं कर सकता क्योंकि दाएं हाथ का यह बल्लेबाज पैसा लेकर आता है।

उन्होंने कहा, ‘क्रिस्टियानो रोनाल्डो की तरह। जब भी रोनाल्डो मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए खेलता है हर कोई फुटबॉल देखता है। विराट कोहली भी ऐसे ही हैं। उनकी बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘क्या बीसीसीआई पर भी दबाव है कि भले ही वह प्रदर्शन करें या न करें लेकिन विराट कोहली को खिलाना ही है ताकि स्पॉन्सर्स को खुश रखा जा सके? यह शायद सबसे बड़ा सवाल है। वे विराट को ड्रॉप नहीं कर सकते या ड्रॉप करना अफॉर्ड नहीं कर सकते क्योंकि वे शायद फाइनैंशनल स्पॉन्सरशिप खो देंगे।’

कोहली कभी आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में चोटी के बल्लेबाज थे लेकिन अब वह टॉप 10 से बाहर हो चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ रीशेड्यूल 5वें टेस्ट में कोहली असफल रहे। इसके बाद दो टी20 इंटरनैशनल मैचों में भी वह 1 और 11 रन ही बना सके। गुरुवार को हुए वनडे मुकाबले में भी इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 16 रन ही बनाए।

पनेसर ने दावा किया कि भारतीय बल्लेबाज की बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह पैसा लेकर आते हैं, लेकिन बीसीसीआई को शायद मुश्किल फैसले लेने पड़ सकते हैं। उन्हें लगता है कि बीसीसीआई को अब टीम की भलाई के बारे में सोचना होगा।

उन्होंने कहा, ‘यहां मुश्किल यह है कि वह इस समय दुनिया में बाजार के सबसे प्रिय क्रिकेटर हैं। फैंस उन्हें काफी प्यार करते हैं। हमें विराट कोहली और उनका जुनून पसंद आता है। उन्हें इंग्लैंड में भी बहुत सराहा जाता है। तो, बीसीसीआई के नजरिये से फॉर्म की बात करें तो उन्हें बैठकर सोचना होगा और फैसला लेना होगा।’