सुप्रीम कोर्ट भेज सकती है अनुराग ठाकुर को जेल।  © IANS
सुप्रीम कोर्ट भेज सकती है अनुराग ठाकुर को जेल। © IANS

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और लोढ़ा पैनल के विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है। आज यानि कि 2 फरवरी को देश की सर्वोच्च अदालत इस मुद्दे पर बड़ा फैसला सुना सकती है। माना यह जा रहा है कि कोर्ट बीसीसीआई के कई उच्च अधिकारियों को पीछे हटने का आदेश भी दे सकता है। साथ ही समीक्षक की नियुक्ति भी की जा सकती है। बीसीसीआई ने पहले ही समीक्षक पैनल के सदस्यों के लिए नाम सुझाने के इनकार कर दिया था। मुख्य न्यायधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई को नियुक्त करने का फैसला कर लिया है। वहीं लोढ़ा समिति ने पिल्लई की नियुक्ति के साथ-साथ बीसीसीआई के तत्कालीन अधिकारियों को हटाने का सुझाव भी कोर्ट को दिया है। ये भी पढ़ें: क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं विराट कोहली के प्रेरणास्त्रोत

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की अंतिम सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने जीके पिल्लई के साथ ऑडिटर विनोद राय और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ का नाम सुझाया था। बीसीसीआई के वकील कपिल सिब्बल ने पिल्लई के नाम को लेकर आपत्ति जाहिर की थी लेकिन कारण पूछे जाने पर वह कुछ नहीं बोले। सिब्बल ने बीसीसीआई को नाम देने के लिए कोर्ट से एक हफ्ते के समय की मांग की थी। बता दें कि मंगलवार को टीएस ठाकुर का कार्यकाल खत्म हो रहा है और कोर्ट इससे पहले ही इस मुद्दे पर फैसला सुनाना चाहती है। अंतिम सुनावाई में जस्टिस ठाकुर ने कहा था कि कोर्ट अनुराग ठाकुर के खिलाफ कार्यवाही कर सकती है। ठाकुर पर कोर्ट को भ्रमित करने का आरोप है क्योंकि उन्होंने दो बार आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर से कोर्ट को एक निवेदन पत्र भेजने की मांग की थी जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। 18 जुलाई को दिए अपने आदेश में पीठ ने सीएजी की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी थी। ये भी पढ़ें: साल 2016 में भारतीय बल्लेबाजी के पांच सबसे यादगार पल

वहीं अनुराग ठाकुर को अब भी आईसीसी से मदद की उम्मीद है। आज सुप्रीम कोर्ट लोढ़ा पैनल और बीसीसीआई के मुद्दे पर अपना फैसला सुनाएगी। इस फैसले में कई बड़ी बातें सामने आ सकती है। जिसमें बीसीसीआई पदाधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।