© Getty Images (Representative Images)
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उच्चतम न्यायालय द्वारा बीसीसीआई का प्रशासक नियुक्त किए जाने के बाद चार सदस्यीय पैनल के तीन सदस्यों ने बीसीसीआई मुख्यालय से दूर दक्षिण मुंबई में पहली बैठक की। भारत के पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय, पूर्व भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान डायना इडुल्जी और बैंकर विक्रम लिमए बीकेसी में आईडीएफसी बैंक के परिसर में बैठक के दौरान मौजूद थे। हालांकि चौथे प्रशासक और जाने माने इतिहासविद रामचंद्र गुहा इस दौरान मौजूद नहीं थे। समिति के प्रमुख राए ने संवाददाताओं से कहा कि आगे बढ़ने से पहले यह बैठक स्थिति को जानने के लिए थी।

उच्चतम न्यायालय ने बीसीसीआई के संचालन और अदालत द्वारा सवीकृत न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा समिति के सुधारवादी कदम क्रिकेट बोर्ड में लागू करने के लिए कल प्रशासकों की चार सदस्यीय समिति नियुक्त की थी। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी प्रशासकों की इस संस्था को रिपोर्ट करेंगे। राए ने बैठक के बाद कहा, ‘‘हमने बैठक इसलिए की हम सभी को बीसीसीआई के संचालन की जानकारी दे सकें। हम जल्द ही भविष्य की कार्रवाई पर फैसला करेंगे।’’

जाने माने बैंकर विक्रम लिमये ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त चार सदस्यीय समिति का लक्ष्य बीसीसीआई में ‘बेहतर संचालन’ सुनिश्चित करना और यह समझना होगा कि बोर्ड में अब तक कैसे काम हो रहा था।

आईडीएफसी(इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी) के सीईओ और एमडी लिमये ने कहा, “हां, मेरी स्वीकृति ली गई थी और मैं इसे बड़ा सम्मान समझता हूं क्योंकि भारत के उच्चतम न्यायालय ने मुझे इस भूमिका के लायक समझा। मैं पूरी गंभीरता के साथ यह जिम्मेदारी निभाउंगा और बीसीसीआई में बेहतर संचालन की दिशा में कार्य करूंगा।” दुनिया भर में विख्यात वार्टन स्कूल आफ बिजनेस से पढ़ाई करने वाले लिमये ने कहा कि वह बीसीसीआई में अपने साथियों(संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी) से बात करके आईसीसी बोर्ड बैठक में अपनी स्थिति समझने की कोशिश करेंगे। लिमये को दो फरवरी को दुबई में आईसीसी बोर्ड बैठक में बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व करना है। इस बैंकर को प्रशासन के अन्य सदस्यों के साथ भी विस्तृत चर्चा की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, “अभी रामचंद्र गुहा को एसएमएस भेजा जिसका जवाब आया। शाम को उनके साथ विस्तृत चर्चा होगी। हमारे काम का एक हिस्सा न्यायमूर्ति लोढा समिति की सिफारिशों को लागू करना होगा। लेकिन यह सिर्फ काम का एक हिस्सा है। कई चीजों पर हमें बैठकर बात करनी होगी कि कैसे हम अपना काम करें।”