बेन स्टोक्स © Getty Images
बेन स्टोक्स © Getty Images

वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड ने खराब शुरुआत की और 71 रनों पर अपने शुरुआती 4 विकेट गंवा दिए। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज रंग में नजर आ रहे थे। अब जो रूट को चाहिए था कि दूसरे छोर से उनका कोई साथ निभाए ताकि वह इंग्लैंड की लड़खड़ाती हुई पारी को संभाल सकें। इसी बीच बल्लेबाजी करने को आए बेन स्टोक्स ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई।

उन्होंने इस दौरान जो रूट के साथ बेहतरीन साझेदारी को ही अंजाम नहीं दिया बल्कि इंग्लैंड को अकेले दमपर 258 के स्कोर तक ले गए। इस दौरान उन्होंने अपने टेस्ट क्रिकेट जीवन का छठवां शतक लगाया। पहले दिन की समाप्ति पर स्टोक्स ने छूटे हुए कैचों की फायदा उठाने पर खुशी जताई। उन्हें दो बार जीवनदान 9 और 98 के स्कोर पर मिले। उन्होंने यह भी बताया कि वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों ने काफी बढ़िया लाइन में गेंदबाजी की और उन्हें रन बनाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।

स्टोक्स ने कहा, “यह हमेशा बढ़िया होता है। आपको हमेशा भाग्य का साथ मिलता है और अच्छा प्रदर्शन करने के लिए आपको उसका साथ चाहिए होता है। जब आपका कैच छूट जाता है तो आप इसे दिमाग में डाल लेते हो। इसकी वजह से आप आउट भी हो जाते हो। मुझे नहीं लगता कि आपको छूटे हुए कैचों को ज्यादा देर तक दिमाग में रखना चाहिए।” पिच के बारे में बातचीत करते हुए स्टोक्स ने कहा कि उन्होंने फौरन पिच के अनुरूप अपने आपको ढाल लिया। उन्होंने बताया कि उस तेज पारी के दौरान उनके दिमाग में क्या चल रहा था। उन्होंने कहा, “मुझे शुरुआत में काफी परेशानी हुई थी। मुझे अपना स्वभाविक खेल बदलना था। मैं विकेट पर गया और क्रीज का अच्छा खासा इस्तेमाल किया ताकि किसी भी लाइन या लेंथ वाली गेंद को भांप सकूं। कुछ देर खेलने के बाद मुझे महसूस हुआ कि यह एक धीमा विकेट है, अगर मैं अपने आक्रामक स्ट्रोक खेलूंगा तो वे 100 प्रतिशत करारे होने चाहिए वरना गेंद प्वाइंट या स्लिप के फील्डर के हाथ में चली जाएगी।” [ये भी पढ़ें: जो रूट ने लगातार 12वें टेस्ट में ठोका अर्धशतक, वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की]

स्टोक्स ने आगे बताया,”जब आप लय में होते हो जैसा कि मैं वहां था, आप अच्छा स्कोर करते चले जाते हो। मैंने अपनी क्रीज का इस्तेमाल उससे ज्यादा किया जितना मैं करता हूं। मैंने उनकी कई गेंदों को फुल गेंद में बदला और इन गेंदों को लेग साइड में मारने में सफलता प्राप्त की। मेरे हिसाब से उनके तेज गेंदबाजी आक्रमण ने यहां एजबेस्टन से बेहतर गेंदबाजी की। हमें रन बनाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। परिस्थितियां गेंदबाजों के ज्यादा अनुकूल थीं। उन्हें सीम मूवमेंट काफी मिल रही थी और गेंद बहुत ज्यादा स्विंग हो रही थी।”

98 रनों के स्कोर पर स्टोक्स को फिर से जीवनदान मिला था क्योंकि शेनन गैब्रियाल ने उनका मिड ऑफ पर कैच छोड़ दिया था। इस दौरान गैब्रियाल ने स्टोक्स को देखकर कुछ शब्द कहे थे लेकिन स्टोक्स ने कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा, “यह पहली बार नहीं है। यह गेम का अंग है। वह शायद 98 पर कैच छोड़ने को लेकर अपने आपसे नाराज थे। यह अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट है। जो भी होता है उसको लेकर कोई चिंता नहीं है।”