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दाएं हाथ के बल्लेबाज सौरभ सिंह ने करीब छह सत्र तक बल्लेबाजी कर बेहतरीन जज्बा दिखाया और 196 रन की लाजवाब पारी खेली जिसकी बदौलत बंगाल की अंडर-19 टीम ने कूच बिहार ट्राफी फाइनल में दिल्ली को हराकर खिताब अपने नाम किया। बंगाल ने पहली पारी में 79 रन की बढ़त से ट्रॉफी हासिल की। दिल्ली की पहली पारी में 314 रन के जवाब में बंगाल ने सौरभ और कनिष्क सेठ (212 गेंदों में 91) के बीच छठे विकेट के लिए 182 रन की भागीदारी की मदद से पहली पारी में 393 रन बनाए।

सौरभ ने 527 गेंद का सामना करते हुए 20 चौके जमाए। इन दोनों ने कोटला की धीमी पिच पर बेहतरीन खेल दिखाया और तब यह जिम्मेदारी संभाली जब टीम ने 180 रन पर छह विकेट खो दिए थे। बंगाल की टीम 19 साल बाद मोहम्मद इरफान अंसारी की अगुवाई में राष्ट्रीय अंडर-19 खिताब हासिल किया। पिछली बार बंगाल ने 1997-98 में यह ट्रॉफी हासिल की थी जिस टीम में लक्ष्मी रतन शुक्ला और शिव सागर सिंह शामिल थे।   भारत बनाम इंग्लैंड तीसरे वनडे के लाइव ब्लॉग को पढ़ने के लिए क्लिक करें

यह इत्तेफाक ही है कि लक्ष्मी रतन शुक्ला एंड कंपनी ने कोटला में ही कूच बिहार फाइनल जीता था और तब के कोच गौतम शोम जूनियर अब के मौजूदा कोचिंग स्टाफ में कोलकाता के अनुभवी प्रणव नंदी के साथ हैं।