• Home
  • News
  • Bhuvneshwar Kumar hopes India wil return to Lord’s for World Cup 2019 final

भुवनेश्वर कुमार को उम्मीद लॉर्ड्स पर विश्व कप फाइनल खेलने लौटेगा भारत

विश्व कप 2019 का फाइनल मैच 14 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाना है।

Edited By : Cricket Country Staff |Jun 03, 2019, 09:41 AM IST

Published On Jun 03, 2019, 09:41 AM IST

Last UpdatedJun 03, 2019, 09:41 AM IST

भुवनेश्वर कुमार (IANS)

भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार चाहते हैं कि टीम इंडिया विश्व कप 2019 का फाइनल मैच खेलने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में लौटे।

इंग्लैंड से मशहूर लॉर्ड्स मैदान के साथ भुवनेश्वर के करियर की कई अच्छी यादें जुड़ी हैं। साल 2014 में इसी मैदान पर भुवी ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच जिताया था। गौरतलब है कि वो टीम इंडिया के साथ भुवनेश्वर का पहला विदेशी दौरा था। भुवी ने 82 रन देकर 6 विकेट लिए थे और फिर बल्ले के साथ भी 52 रनों की पारी खेली थी। अब वो भारतीय टीम को इस मैदान पर विश्व कप फाइनल मैच खेलते देखना चाहते हैं।

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

भुवनेश्वर ने कहा, “मैं यहां दो तीन बार आया हूं लेकिन मुझे इंग्लैंड आकर खेलना अच्छा लगता है। ये मेरे लिए बहुत मायने रखेगा अगर हम विश्व कप फाइनल खेलने के लिए लॉर्ड्स लौटें। लॉर्ड्स एक खास वेन्यू है, ना केवल मेरे लिए बल्कि हर क्रिकेटर के लिए। यहां मेरे कई अच्छी यादें हैं, इसलिए अगर फाइनल में पहुंचते हैं तो ये केवल मेरे लिए नहीं बल्कि पूरी टीम के लिए बड़ा पल होगा।”

भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे चोटिल लुंगी एनगिडी, 10 दिन के लिए टूर्नामेंट से बाहर

भारतीय टीम 5 जून को विराट कोहली की अगुवाई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच के साथ विश्व कप 2019 में अपना अभियान शुरू करेगी। इससे पहले खेले दो वार्म अप मैचों में टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था लेकिन भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ शानदार जीत हासिल की थी। उस मैच में धोनी और केएल राहुल ने शतकीय पारियां खेली थी, जिसके बाद भारतीय मध्यक्रम के लेकर उठ रहे सवाल समाप्त हुए। टीम इंडिया के बनाए 359 रन के लक्ष्य के जवाब में बांग्लादेश टीम 264 पर ढेर हो गई।

इस पर भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा, “उस मैच से हमें वो सब मिला जो चाहिए था; चाहे बल्लेबाजी हो, गेंदबाजी या फिर फील्डिंग। 350 के लक्ष्य का पीछा करना हमेशा मुश्किल होता है। गेंदबाजी करते समय आपको अतिरिक्त आत्मविश्वास मिलता है। आपके पास कुछ अलग चीजें करने की आजादी होती है।”

Editor's Pick