पेस और स्विंग के बीच सही संतुलन भुवनेश्वर की सफलता का राज

भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले दो वनडे मैचों के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल नहीं हैं।

Edited By : Cricket Country Staff |Oct 19, 2018, 01:11 PM IST

Published On Oct 19, 2018, 01:11 PM IST

Last UpdatedOct 19, 2018, 01:11 PM IST

Bhuvneshwar Kumar (IANS Photo)

भारतीय टीम के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में एक भुवनेश्वर कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय स्विंग और गति के बीच सही संतुलन को बताया है। भुवनेश्वर ने ASICS के लिए एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान क्रिकेटकंट्री.कॉम से बातचीत में इस दिग्गज गेंदबाज ने कहा, “पेस और स्विंग के बीच सही संतुलन बना पाना काफी मुश्किल होता है। अगर आप दुनिया भर के तेज गेंदबाजों को देखें तो एक निश्चित गति से आगे बढ़ने पर वो भी गेंद को स्विंग कराने में परेशानी का सामना करते हैं। मेरे लिए भी, मेरे पहली सीरीज में अपनी गति बढ़ाने के बाद स्विंग कराना थोड़ा मुश्किल हो रहा था। लेकिन मैने नेट में कड़ी मेहनत की, कोचिंग स्टाफ से सलाह ली और संतुलन हासिल किया। और ये मेरे लिए काम कर रहा है।”

इंग्लैंड सीरीज ना खेल पाने पर हुए थे निराश

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भुवनेश्वर पिछले कुछ समय से चोटों से प्रभावित रहे हैं। भारत के इंग्लैंड दौरे पर पीठ की चोट से परेशान भुवनेश्वर को आराम दिया गया था। साथ ही बोर्ड ने विश्व कप 2019 और आगामी ऑस्ट्रेलियाई दौरे को देखते हुए इस अनुभवी तेज गेंदबाज के वर्कलोड को मैनेज करने के लिए उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले दो वनडे मैचों के लिए स्क्वाड से बाहर रखा है।

अपने ब्रेक के समय के बारे में बात करते हुए भुवनेश्वर ने कहा, “इंग्लैंड सीरीज ना खेल पाना निराशाजनक था लेकिन मेरे पास एनसीए में रीहैब कर अपनी फिटनेस दोबारा पाने के लिए करीबन एक महीने का समय था। मैं ये नहीं कहूंगा कि ये मुश्किल समय नहीं था लेकिन ये काफी परेशान करने वाला समय था क्योंकि एक खिलाड़ी के तौर पर मैं खेलना चाहता था लेकिन हमे समझना होगा कि इंजरी हमारी जिंदगी की हिस्सा हैं और कुछ सीरीज ना खेल पाना भी खेल का ही हिस्सा है। मैने यही बात दिमाग में रखी और रीहैब पूरा किया। मेरी मानकिसता सकारात्मक थी और इससे मुझे रिकवर होने में मदद मिली।”

तेज गेंदबाजों के बीच प्रतिद्वंदिता पर भुवनेश्वर का बयान

भुवनेश्वर की गैर मौजूदगी में विंडीज के खिलाफ पहले दो वनडे मैचों में पेस अटैक मोहम्मद शमी और उमेश यादव के जिम्मे रहेगा। बता दें कि उमेश को हाल ही में चोटिल शार्दुल ठाकुर की जगह टीम में शामिल किया गया है। उमेश ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन किया था, जिसमें हैदराबाज टेस्ट में लिया उनका रिकॉर्ड 10 विकेट हॉल भी शामिल है। उमेश के साथ ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह के लगातार अच्छे प्रदर्शन से तेज गेंदबाजों के बीच स्क्वाड में जगह बनाने को लेकर प्रतिद्वंदिता बढ़ गई है, जिससे भुवनेश्वर खुश हैं।

उन्होंने कहा, “ये स्वस्थ्य प्रतिद्वंदिता है। हम जानते हैं कि हम सभी अलग तरह के गेंदबाज हैं और उनमे से कुछ अलग फॉर्मेट के गेंदबाज हैं। हम अपने साथी खिलाड़ियों से सीखते हैं। मैदान से बाहर हम काफी करीब हैं और ये केवल सीखने के बारे में है। सभी लगभग एक तरीके से अभ्यास करते हैं, हम सभी का सपोर्ट स्टाफ और बाकी सुविधाएं समान हैं।”

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