Bhuvneshwar said I do not want to answer it and if I am playing then something is right
BCCI

एजबेस्टन टेस्ट की हार को भुलाकर टीम इंडिया ने मेजबान इंग्लैंड पर जोरदार पलटवार करते हुए T20I सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस सीरीज के पहले दोनों मुकाबले भारत ने बड़े अंतर जीते। पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने 50 रन जबकि दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड को 49 रनों से पटखनी दी। भारत को दोनों मैचों में मिली जीत में सबसे बड़ा योगदान तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का रहा जिन्होंने पावरप्ले में कमाल की गेंदबाजी की।

भुवी ने पहले मैच में जोस बटलर को गोल्डन डक पर आउट किया जबकि दूसरे मैच की पहली ही गेंद पर उन्होंने जेसन रॉय को अपना शिकार बनाया। दूसरे मैच में उन्होंने कुल 3 विकेट अपने नाम किए जिसमें से 2 विकेट पावरप्ले में आउए। इस तरह भुवी को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

भारत की इस जीत में अहम भूमिका निभाने के बाद भुवी ने अपनी स्विंग गेंदबाजी और फिटनेस को लेकर बात की। उन्होंने कहा, “जब गेंद स्विंग होती है, तो अच्छा लगता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में इंग्लैंड में गेंद से ज्यादा मदद नहीं मिली है, लेकिन इस साल काफी मिल रही है। सफेद गेंद से स्विंग मिलना पावरप्ले में गेंदबाज़ी करने वाले तेज गेंदबाज़ के लिए अच्छी चीज़ है।”

उन्होंने बटलर के बारे में कहा, “जोस बटलर एक खतरनाक खिलाड़ी है। अगर वह टिक जाता तो बड़ा स्कोर बना सकता था। अगर गेंद स्विंग करती है तो मैं विकेट के लिए जाता हूं और यह काम करता है। यदि गेंद स्विंग करती है, तो यह आपको किसी खास बल्लेबाज के खिलाफ कुछ अलग करने के लिए प्रेरित करती है।”

जब भुवी से उनकी फिटनेस और चोट के बारें में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मैं चोटों के बारे में बात नहीं करना चाहता। मैं अगर खेल रहा हूं तो सबकुछ ठीक है। अगर कोई मुझसे भारत में भी इस बारें में पूछता है, तो मैं उसका जवाब नहीं देता हूं। मुझे माफ किजिए।”

भुवनेश्नवर ने दूसरे मुकाबले में 3 ओवर के स्पैल में 15 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। इसमें एक मेडन विकेट ओवर भी शामिल था। यही नहीं, भुवनेश्वर दुनिया के इकलौते गेंदबाज बन गए हैं जिन्होंने T20I में पावरप्ले के दौरान 500 से ज्यादा डॉट गेंदे फेंकी हैं।

T20I  पावरप्ले में गेंदबाज द्वारा सर्वाधिक डॉट गेंदें

500 – भुवनेश्वर

383 – बद्री

368 – साउथी

354 – स्टार्क

324 – कुलशेखर

305 – बुमराह