bitcoin transaction is new phenomenon in cricket corruption says icc
तस्वीर टि्वटर से

क्रिकेट में सट्टेबाजी को अंजाम देने के लिए नए-नए तौर-तरीकों का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है. इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा कई देशों में खेली जा रही टी20 लीग भी इससे अछूती नहीं हैं. अब सट्टेबाज अपने क्रिप्टोकरेंसी यानी डिजिटल करेंसी बिटक्वॉइन का भी इस्तेमाल कर रहे हैं. हाल ही में जिंबाब्वे के पूर्व कप्तान हीथ स्ट्रीक (Heath Streak) के क्रिकेट में भ्रष्टाचार की बात स्वीकार करने से सभी का ध्यान सट्टेबाजों के क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल करने पर भी गया है. आईसीसी इस अपने लिए नई चुनौती मानता है लेकिन उसने कहा कि वह इससे निपटने के लिए तैयार है.

जिंबाब्वे, बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीमों के अलावा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL), अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (APL) और बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में कोचिंग के दौरान संदिग्ध भारतीय सट्टेबाज को अंदरुनी सूचना का खुलासा करने की बात स्वीकार करने के बाद ICC ने बुधवार को स्ट्रीक को 8 साल के लिए बैन कर दिया है.

सट्टेबाजों के लिए अब तक नकद भुगतान सबसे पसंदीदा जरिया था, जबकि वे कार, जवाहरात और महंगे फोन के रूप में भी भुगतान करते थे. हालांकि स्ट्रीक के मामले ने भ्रष्ट भुगतान में ध्यान बिटक्वॉइन की ओर खींचा है. इस मामले में आईसीसी के विस्तृत फैसले के अनुसार स्ट्रीक को 2018 में भ्रष्ट व्यक्ति ने दो ‘बिटक्वाइन’ का भुगातन किया जिसकी कीमत उस समय 35000 डॉलर थी.

आईसीसी की एसीयू के महाप्रबंधक एलेक्स मार्शल ने गुरुवार को पीटीआई के सवाल के जवाब में ईमेल में कहा, ‘यह हमारे लिए नई चीज है लेकिन हमारे पास सक्षम स्टाफ है जो इसकी जांच कर सकता है. भ्रष्टाचारी लोग सभी तरीकों का इस्तेमाल करने का प्रयास करते हैं, जिसमें नकद और हवाला भी शामिल है और इनकी पहचान करना भी आसान नहीं है. बिटक्वॉइन भी इसी तरह की चुनौती पेश करते हैं.’

दरअसल में आम आदमी की भाषा में क्रिप्टोकरेंसी वर्चुअल पैसा है. इसमें डिजिकल लेन देन किया जाता है, जो एल्गोरिथम पर आधारित होता है. बिटक्वॉइन का हालांकि किसी देश का केंद्रीय बैंकिंग प्राधिकरण (जैसे भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) नियामन नहीं करता है और भारत जैसे कई देशों में यह गैरकानूनी है. इस समय भारतीय पैसों में एक बिटक्वॉइन की कीमत 46 लाख 83 हजार रुपये यानी 62,453 डॉलर है.

सबसे बड़ी चुनौती यह है कि क्रिप्टोकरेंसी की कोडिंग को तोड़ना लगभग असंभव माना जाता है. मार्शल ने हालांकि कहा कि भ्रष्टाचार का नया तरीका सामने आने के बाद आईसीसी आगामी दिनों में इस चुनौती के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा, ‘बिटक्वाइंन से लेन देन के बारे में पता करना भले ही इतना आसान नहीं है लेकिन हमारे पास सही लोग हैं, जिन्हें सही विशेषज्ञता, समझ हासिल है और हमारे पास जरूरी नेटवर्क है, जिससे कि हम भ्रष्टाचारियों से आगे रह सकें.’

यहां तक कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की एसीयू के नए प्रमुख शब्बीर हुसैन शेखदम खंडवावाला ने कहा कि उन्होंने पहली बार बिटक्वॉइंन के जरिए भुगतान के बारे में सुना है. गुजरात के पूर्व पुलिस महानिदेशक ने पीटीआई से कहा, ‘हां, मैं हीथ स्ट्रीक के मामले को विस्तार से देख रहा था. मैंने भी बिटक्वॉइन के जरिए भुगतान के बारे में पहली बार सुना है.’

हुसैन का हालांकि मानना है कि भ्रष्टाचारी लोगों को ढूंढना हमेशा लेन देन के तरीके पर नजर रखने से नहीं जुड़ा होता. उन्होंने कहा, ‘हम हमेशा लोगों को कितना भुगतान हुआ और कैसे भुगतान हुआ (इस मामले में बिटक्वॉइन में), इससे नहीं पकड़ते. हमारे साक्ष्य अलग होते हैं. हम उन पर नजर रखते हैं और उनकी गतिविधियों और टेलीफोन कॉल पर.’

हुसैन ने कहा, ‘कुछ चीजें पर्दे के पीछे भी होती हैं. सब कुछ सूत्रों से मिली ठोस सूचना के आधार पर किया जाता है. इसलिए अगर कोई पैसा स्वीकार करता है या किसी भी तरह से भ्रष्टाचार से जुड़ा है तो जब आप जांच शुरू करते हो तो आप उस तक पहुंच जाते हो.’