आजकल बल्लेबाज भले हेल्मेट पहनकर तेज गेंदबाजों का सामना करते हैं लेकिन फास्ट बॉलरों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली बाउंसर गेंद (Bouncer Should Ban) खिलाड़ियों की सेहत के लिए अभी भी खतरा है. हेल्मेट पहनने के बावजूद खिलाड़ियों को कन्कशन (सिर में चोट के बाद अचेत होने जैसी स्थिति) (Concussion Subsitute in Cricket) जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है. एक कन्कशन एक्सपर्ट ने क्रिकेट अधिकारियों को सलाह दी है कि वे कम से कम 18 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के खिलाफ बाउंसर बॉल पर बैन लगाएं.

इस बीच क्रिकेट के नियमों के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने भी गेंदबाजों के शॉर्ट पिच गेंद करने की अनुमति पर चर्चा और परामर्श प्रक्रिया शुरू की है. सिर की चोट से जुड़े इंटरनेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट के मीडिया डायरेक्टर माइकल टर्नर (Michael Turner) ने ब्रिटिश अखबार ‘द टेलीग्राफ’ से कहा, ‘जब आप युवा से वयस्क हो रहे होते हैं, तब आपके दिमाग का भी विकास हो रहा होता है और ऐसे में आप कन्कशन से बचना चाहेंगे. आप किसी भी उम्र में कन्कशन से बचना चाहेंगे, लेकिन यह युवाओं के लिए काफी खतरनाक हैं.’

उन्होंने कहा, ‘इस उम्र (किशोर) समूह के खिलाड़ियों को कन्कशन से बचाने के लिए नियमों में बदलाव कर इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए. इस मामले में अधिकारियों को गंभीरता से सोच-विचार करना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘हेल्मेट को सिर के फ्रैक्चर को रोकने के लिए तैयार किया गया है, कन्कशन रोकने के लिए नहीं. ऐसे में इससे निपटने का एक ही रास्ता है, अगर जरूर हो तो नियमों में बदलाव होना चाहिए.’ उन्होंने चेतावनी दी कि कम उम्र के क्रिकेटरों को सिर पर चोट लगने से दीर्घकालिक जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है.

टर्नर ने सुझाव दिया कि सीनियर क्रिकेटरों के साथ टूर्नामेंट में भाग लेने वाले 18 साल से कम के खिलाड़ियों के माता-पिता को इसके बारे में पता होना चाहिए और इसके लिए उनकी सहमति प्राप्त की जानी चाहिए.