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Ashes 2025-26: 'झूठा', 'जुआरी', 85 साल के पूर्व क्रिकेटर ने ब्रेंडन मैकलम को जमकर सुनाया

इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया में हुई एशेज सीरीज में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा. ऑस्ट्रेलिया ने 4-1 से सीरीज अपने नाम की. इसके बाद से इंग्लैंड की टीम आलोचकों के निशाने पर है.

user-circle cricketcountry.com Written by Bharat Malhotra
Last Updated on - January 9, 2026 10:32 AM IST

नई दिल्ली: एशेज सीरीज 2025-26 में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 4-1 से करारी शिकस्त दी. इंग्लैंड की टीम इसके बाद लगातार आलोचकों के निशाने पर है. खास तौर पर टीम कोच ब्रेंडन मैकुलम और कप्तान बेन स्टोक्स को कड़े सवालों के जवाब देने पड़ रहे हैं. ब्रेंडन मैकलम की कोचिंग में इंग्लैंड ने आक्रामक रूप से बल्लेबाजी का एक नया तरीका अपनाया. यह टेस्ट क्रिकेट की परंपरागत शैली से अलग था. बिलकुल नया. लेकिन इसके अपेक्षित परिणाम इंग्लैंड को अभी तक नहीं मिले हैं. इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज जैफ्री बॉयकॉट ने टीम प्रबंधन पर कड़ा निशाना साधा है.

85 साल के जेफ्री बॉयकॉट ने कहा, ‘जब से स्टोक्स और मैकुलम ने टेस्ट टीम की कमान संभाली है, इंग्लैंड ने भारत या ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक भी सीरीज नहीं जीती है. न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ ही जीत मिली हैं.’

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‘3 साल तक झूठ बोला’

बॉयकॉट ने कहा कि ब्रेंडन मैकुलम, रॉब की और बेन स्टोक्स ने तीन साल तक झूठ बोला. मैकलम की सोच है कि अपना काम करो. दुनिया की परवाह किए बिना खेलो. कोई उन्हें डांटता नहीं है, कोई जवाबदेही नहीं है, और किसी को टीम से बाहर नहीं किया जाता है, इसलिए वे बस वही बेवकूफी भरी हरकतें करते रहते हैं. अगर कोच और कप्तान को कोई दिक्कत नहीं है, तो खिलाड़ियों को क्यों बदलना, खुद को ढालना या सुधारना चाहिए? लोग अब इस तरह के खेलने से तंग आ चुके हैं.

‘बदलने वाले नहीं हैं मैकलम’

बॉयकॉट ने कहा कि हार के बावजूद बल्लेबाज मैकलम ने अपने कोचिंग के तरीकों में बदलाव का कोई संकेत नहीं दिया है. उन्हें नहीं पता कि कब रुकना है या अपना रूटीन बदलना है. बिना किसी नतीजे के जो चाहें करने की इस तरह की खुली छूट इंग्लैंड को पीछे खींच रही है. हमारे पास कुछ बहुत प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं, लेकिन उनके स्किल का इस्तेमाल नहीं हो रहा है. अगले स्तर पर जाने के लिए हमें खिलाड़ियों के तैयारी करने और सोचने के तरीके से अलग अनुशासन की जरूरत है. बोर्ड को पूर्व में एशेज जीत चुके खिलाड़ियों को कोच और कप्तान के साथ बैठाना चाहिए. हम इंग्लैंड की जीत चाहते हैं.

स्टोक्स और मैकुलम दोनों ने कप्तान और कोच बने रहने की इच्छा जताई है. इंग्लैंड की अगली सीरीज जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ है. इसलिए इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड के पास समीक्षा के लिए पूरा समय है.

ऑस्ट्रेलिया एशेज सीरीज में जोश हेजलवुड के बिना खेली. पैट कमिंस ने सिर्फ एक मैच खेला और नाथन लियोन ने भी सिर्फ एक ही मैच खेला. इन तीन दिग्गज खिलाड़ियों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया 4-1 से सीरीज जीतने में कामयाब रही. इंग्लैंड पूरी सीरीज में ज्यादातर समय दबाव में दिखी.