Brian Lara: West Indies was not the strongest team during my time
Brian Lara (File Photo) © Getty Images

विंडीज के दिग्‍गज बल्‍लेबाज ब्रायन लारा ने साल 1992 से 2007 तक कुल पांच विश्‍व कप में हिस्‍सा लिया, लेकिन वो एक बार भी अपनी टीम को चैंपयिन नहीं बना पाए। लारा को इस बात का मलाल है। उन्‍होंने कहा, “मेरे समय में विंडीज की सर्वश्रेष्‍ठ टीम मौजूद नहीं थी, जिसके कारण हम विश्‍व कप नहीं जीत पाए।”

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ब्रायन लारा ने विश्‍व कप में कुल 34 मैच खेले हैं। जिसमें उन्‍होंने 42.24 की औसत से 1,223 रन बनाए। वो विश्‍व कप में सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में चौथे स्‍थान पर रहे। टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान लारा से पूछा गया कि क्‍या उन्‍हें अपने समय में एक भी विश्‍व कप नहीं जीत पाने का मलाल है। इसपर उन्‍होंने कहा, “मेरे समय में विंडीज की सर्वश्रेष्‍ठ टीम मौजूद नहीं थी। जब विश्‍व कप नजदीक आता था तो ये चीजें काफी चुभती थी। मैं अब 50 की उम्र पार कर चुका हूं। अब मैं विश्‍व कप नहीं जीत सकता हूं।”

लारा ने कहा, “हमें ये बात स्‍वीकार करनी होगी कि मेरे समय में विंडीज के पास मजबूत टीम नहीं थी। हमने कोशिश की और सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करने का प्रयास किया। यहां तक की हमने चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती, लेकिन हम विश्‍व कप नहीं जीत पाए।”

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शुरुआती दो विश्‍व कप (साल 1975 और 1979) में विंडीज की टीम क्लाइव लॉयड की कप्‍तानी में विश्‍व चैंपियन बनी थी, लेकिन 1983 में कपिल देव की कप्‍तानी वाली भारतीय टीम ने विंडीज को जीत की हैट्रिक लगाने से रोक दिया।

लारा ने कहा, “उस दौर में विंडीज के पास दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ गेंदबाजी अटैक था, जिसका बचाव करने के लिए एक अच्‍छा बल्‍लेबाजी लाइनअप भी मौजूद था। वो विंडीज क्रिकेट का सुनहरा दौर था। हम 1983 में भी फाइनल तक पहुंचे, जिससे पता चलता है कि हम एक टीम के तौर पर उस वक्‍त कितने मजबूत थे।”