CAB decides to disqualify joint Secretary Subir Ganguly
सौरव गांगुली © CricketCountry

सौरव गांगुली की अध्यक्षता वाले बंगाल क्रिकेट संघ ने सुबीर गांगुली को संयुक्त सचिव के पद से हटाने का फैसला किया।पिछले कुछ समय से पूर्व भारतीय कप्तान गांगुली का सुबीर और विश्वरूप डे से टकराव चल रहा था। कैब अध्यक्ष गांगुली ने आज कार्य समिति की बैठक के बाद कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के दो जनवरी 2017 के आदेश के अनुसार सुबीर का पदाधिकारी के रूप में बरकरार रहना नियमों का उल्लंघन होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सुबीर 2008 में मानद कोषाध्यक्ष बने थे और जुलाई 2017 तक उस पद पर रहे। इसलिए वह पदाधिकारी के रूप में नौ साल पूरे कर चुके हैं।’’ सुबीर ने कहा था कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार गांगुली को भी ब्रेक लेना होगा। इस बारे में गांगुली ने कहा, ‘‘बीसीसीआई के मानद सचिव अनिरुद्ध चौधरी को 2013 में चुना गया था और वह अब भी पद पर बने हुए हैं। साथ ही वह उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार प्रशासकों की समिति के मार्गदर्शक के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसलिए उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार तीन साल के बाद ब्रेक लेने की वजह से उनका डिस्क्वालीफिकेशन नहीं होगा।’’

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बता दें कि सुबीर गांगुली ने सौरव गांगुली को पत्र भेजकर कहा कि अगर उन्हें ‘कूलिंग ऑफ’ पर जाने के लिये बाध्य किया जाता है तो लोढा समिति के अनुसार यही नियम उनपर पर भी लागू होता है। सुबीर आईपीएल परिषद के पूर्व सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने तीन पेज के इस पत्र में लिखा, ‘‘अगर आप मुझे संयुक्त सचिव के पद से हटाना चाहते हैं तो लोढा समिति की सिफारिशों के अनुसार आप भी अपना कार्यकाल जारी नहीं रह सकते और इसके अनुसार ‘कूलिंग ऑफ’ का तीन साल का समय आपके खिलाफ भी लागू होगा। आपको भी तुरंत प्रभाव से अपना पद छोड़ना होगा।’’