टी20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता से खुश नहीं कोच एंडी फ्लावर

फ्लावर ने दुबई से कहा कि इंग्लैंड में हालिया श्रृंखला ने दिखा दिया कि टेस्ट क्रिकेट में रूचि बरकरार है लेकिन टी20 के साथ ही इस प्रारूप में भी सही तरह से संतुलन बनाने की जरूरत है

Edited By : Cricket Country Staff |Sep 18, 2020, 05:45 PM IST

Published On Sep 18, 2020, 05:45 PM IST

Last UpdatedSep 18, 2020, 05:45 PM IST

Andy Flower @getty (file image)

टी20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर मशहूर कोच एंडी फ्लावर ने चिंता जताई है। फ्लावर का कहना है कि अगले दशक में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के सामने टी20 लीग और इंटरनेशनल क्रिकेट के बीच वित्तीय रूप से व्यवहारिक संतुलन बनाना एक गंभीर चुनौती होगी।

उन्हें यह भी लगता है कि स्टार खिलाड़ियों जैसे विराट कोहली को पांच दिवसीय प्रारूप के बारे में लगातार बात करते रहना होगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आईपीएल के बाद आईसीसी के ज्यादातर पूर्ण सदस्य देशों ने अपनी टी20 लीग बना ली है और फ्रेंचाइजी आधारित क्रिकेट की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर पर काफी दबाव डाल दिया है।

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फ्लावर ने दुबई से कहा कि इंग्लैंड में हालिया श्रृंखला ने दिखा दिया कि टेस्ट क्रिकेट में रूचि बरकरार है लेकिन टी20 के साथ ही इस प्रारूप में भी सही तरह से संतुलन बनाने की जरूरत है।

फ्लावर इस सत्र से किंग्स इलेवन पंजाब के सहायक कोच के तौर पर आईपीएल में अपना पदार्पण कर रहे हैं। उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘यह आईसीसी के लिये गंभीर चुनौती है कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और फ्रेंचाइजी लीग की दुनिया के बीच सही सतुंलन बनाये। अगले दशक में यह देखना दिलचस्प होगा।’

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उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में अब भी काफी दिलचस्पी है, विशेषकर तीन देशों (भारत, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया) में। हमने दर्शकों के बिना इंग्लैंड में दो अच्छी श्रृंखलायें देंखी और टीवी उत्पाद के तौर पर पांच दिवसीय प्रारूप प्रसारकों को काफी कुछ देता है।’

जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान ने कहा, ‘खिलाड़ियों के बीच भी टेस्ट क्रिकेट खेलने को लेकर काफी दिलचस्पी है। आईसीसी को इन सबको चतुराई से संभालना होगा।’

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