Change in Test cricket for just for the sake of it will be dangerous: Andrew Strauss
एंड्रयू स्ट्रॉस (Getty images)

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के निदेशक एंड्रयू स्ट्रॉस जो आईसीसी की क्रिकेट समिति का हिस्सा हैं, उनका मानना है कि चार दिन के टेस्ट मैच को लाने से पहले हर पहलू पर विचार करना चाहिए, लेकिन इसे अनिवार्य करने से बचना चाहिए। आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप-2023 से चार दिन के टेस्ट मैच को लाने पर विचार कर रही है। हालांकि कई पूर्व दिग्गज और मौजूदा खिलाड़ी इसका विरोध कर रहे हैं।

अंग्रेजी अखबार ‘द गार्जियन’ ने स्ट्रॉस के हवाले से लिखा है, “अगर आप पूछेंगे कि कितने लोग पांच दिन के टेस्ट मैच को घटा कर चार दिन का करना चाहते हैं तो ज्यादा लोग मना करेंगे। मेरा मानना है कि हमें पूरी तस्वीर देखना चाहिए कि टेस्ट क्रिकेट भविष्य में अच्छा और बेहतर कैसे हो सकता है।”

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा, “हमें ये नहीं मानना चाहिए की टेस्ट क्रिकेट अच्छा है क्योंकि ये इंग्लैंड में प्रचलित है। विश्व के कई हिस्सों में बोर्ड वित्तीय रूप से टेस्ट क्रिकेट के आयोजन में संघर्ष कर रहे हैं और टेस्ट क्रिकेट बिल भी नहीं चुका पा रहा है। इसलिए हमें इसे सभी के लिए सुधार करने के रूप में देखना चाहिए। दर्शकों, क्रिकेट, कीमत, कार्यक्रम, पिचें, गेंदें, अनुभव इन सभी के लिहाज से इसे देखना चाहिए।”

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उन्होंने कहा, “हमें विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चाहिए जो अहम है। खेल की लंबाई बड़ी चर्चा का एक हिस्सा भर है। ऐसा नहीं है कि इसके पीछे एजेंडा है इसलिए इसको प्रस्तावित किया जाना चाहिए। नाम के लिए कोई टेस्ट क्रिकेट को बदलना नहीं चाहता। ये आसानी से होना चाहिए नहीं तो हमें नहीं करना चाहिए।”

स्ट्रॉस से पहले सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, शेन वार्न और विराट कोहली ने भी चार दिन के टेस्ट मैच का कई पूर्व और मौजूदा खिलाड़ी विरोध कर रहे हैं।