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चैपल का बड़ा बयान, बोले- लिन की जगह मैं होता तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को कोर्ट में ले जाता
चैपल ने क्रिस लिन के क्रिकेट आस्ट्रेलिया से संयुक्त अरब अमीरात की आईएलटी20 लीग में खेलने के लिये अनापत्ति पत्र (एनओसी) मंगाने के मुद्दे के बारे में भी बात की।
Written by Press Trust of India
Last Updated on - August 13, 2022 11:58 PM IST

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर इयान चैपल निश्चित हैं कि टेस्ट क्रिकेट उनके जीवनकाल में ‘खत्म नहीं होगा’ लेकिन उन्होंने हैरानी जतायी कि टी20 लीग के फलने फूलने के बीच क्या सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भविष्य में इसे खेलेंगे। पूर्व आस्ट्रेलियाई कप्तान का मानना है कि दुनिया भर में तेजी से बढ़ती टी20 लीग के चलते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सामने खिलाड़ियों को बरकरार रखने की चुनौती हैं।
चैपल ने ‘वाइड वर्ल्ड ऑफ स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘‘टेस्ट क्रिकेट मेरे जीवनकाल में खत्म नहीं होगा। लेकिन इसे कौन खेल रहा होगा? यह सबसे बड़ा सवाल है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपके सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नहीं खेल रहे तो क्या टेस्ट क्रिकेट देखने लायक होगा? इसका जवाब शायद ‘नहीं’ होगा। टेस्ट क्रिकेट एक अच्छा खेल है लेकिन इसे अच्छी तरह खेला जाना चाहिए। ’’
चैपल ने क्रिस लिन के क्रिकेट आस्ट्रेलिया से संयुक्त अरब अमीरात की आईएलटी20 लीग में खेलने के लिये अनापत्ति पत्र (एनओसी) मंगाने के मुद्दे के बारे में भी बात की। लिन ने इस लीग में खुद को ‘मार्की’ खिलाड़ी के तौर पर पंजीकृत कराया है लेकिन लीग में खेलने के लिये उन्हें क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) से अनापत्ति पत्र की जरूरत होगी। लेकिन शायद उन्हें यह नहीं मिलेगा क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट भी इसी समय अपनी बिग बैश लीग आयोजित करता है।
चैपल ने कहा कि अगर वह लिन की जगह होते और उन्हें एनओसी नहीं मिलती तो वह सीए को अदालत खींच कर ले गये होते। उन्होंने कहा, ‘‘तब आप विश्व सीरीज क्रिकेट के दिनों में लौट जाते, जिसमें उन्होंने बोर्ड को ‘व्यापार में नियंत्रण’ के चलते अदालत में खींच लिया था। क्या यह ‘व्यापार में नियंत्रण’ है?’’
चैपल ने कहा, ‘‘क्रिस लिन के मामले में, अगर अगर उसे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया या क्रिकेट क्वींसलैंड से अनुबंध नहीं मिला है तो उसे कैसे रोक सकते हो? अगर मैं क्रिस लिन होता और मैं यूएई में खेलना चाहता तो मैं उन्हें अदालत में खींच ले जाता। यह ‘व्यापार में नियंत्रण’ होगा ही। आप उससे अनुबंध भी नहीं कर रहे हो और आप उसे खेलने भी नहीं दे रहे हो।’’
