चेतेश्वर पुजारा © AFP
चेतेश्वर पुजारा © AFP

रणजी ट्रॉफी में टीम इंडिया के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के बल्ले से जमकर रन निकल रहे हैं। हाल ही में पुजारा ने झारखंड के खिलाफ सौराष्ट्र की तरफ से 355 गेंदों में 204 रनों की पारी खेली और उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर का 12वां दोहरा शतक लगाया। इसके साथ ही पुजारा ने विजय मर्चेंट के 70 सालों का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि पुजारा को इस बात की बिलकुल भी जानकारी नहीं थी कि उन्होंने 70 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। क्रिकबज से बातचीत में पुजारा ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया।

70 साल का रिकॉर्ड तोड़ने की नहीं थी जानकारी: क्रिकबज से बातचीत में पुजारा ने कहा, ‘शुरुआत में मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं था कि मैंने 70 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पूरे दिन बल्लेबाजी करने के बाद मैं थोड़ा आराम करना चाहता था। दिन का खेल खत्म होने के बाद जब मैं ट्विटर के इस्तेमाल कर रहा था तो उस दौरान मैंने देखा कि किसी ने मुझे टैग कर रखा था। फिर मुझे एहसास हुआ कि शायद मैंने कुछ खास हासिल किया है। जब मुझे इस रिकॉर्ड की जानकारी हुई तो मुझे खुद पर गर्व हुआ। इस लिस्ट में कई बड़े नाम थे और उनके साथ अपना नाम देखना मेरे लिए बेहद खास था।’

मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं था: पुजारा ने अपने आखिरी 10 फर्स्ट क्लास मैच में एक बार भी 50 से ज्यादा रनों की पारी नहीं खेली थी और जब पुजारा से पूछा गया कि क्या इसके कारण उनपर कोई दबाव था तो उन्होंने कहा, ‘बिलकुल भी नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि मैं इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल रहा था और इंग्लैंड में खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौती रहता है। मैंने पिछले कुछ महीनो में शानदार क्रिकेट खेली है। श्रीलंका दौरा मेरे लिए बेहतरीन रहा था और आगे भी मैं शानदार क्रिकेट खेलना जारी रखना चाहूंगा।’

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पुजारा ने भारत के लिए 51 टेस्ट मैचों में 52.65 की औसत से 4,107 रन बनाए हैं। पुजारा के बल्ले से 13 शतक, 15 अर्धशतक निकले हैं और उनका बेस्ट स्कोर 206* रन रहा है। पुजारा और टीम इंडिया की असली परीक्षी विदेशी दौरों पर होनी है। टीम इंडिया को दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करना है।