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हार नहीं मानेंगे...चेतेश्वर पुजारा ने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो, पिता ने दिया बड़ा बयान

चेतेश्वर पुजारा के पिता ने कहा कि वह मानसिक रूप से बहुत मजबूत है, मैं चयन के बारे में टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन मैंने जो देखा है, वह अपनी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी कर रहा है

Cheteshwar Pujara Father

Cheteshwar Pujara Father (Photo-twitter)

नई दिल्ली. वेस्टइंडीज दौरे पर खेली जाने वाले दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला में दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को जगह नहीं दी गई है. टीम से ड्रॉप होने के बाद चेतेश्वर पुजारा ने सोशल मीडिया पर प्रैक्टिस का एक वीडियो शेयर किया है. वहीं चेतेश्वर पुजारा के पिता और कोच अरविंद पुजारा को उम्मीद है कि उनका बेटा एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में वापसी करेगा.

विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप से बाहर किये जाने के बाद क्रिकेट जगत में कई लोगों का मानना है कि पुजारा ने भारतीय टीम के लिए अपना आखिरी टेस्ट खेल लिया. अरविंद ने कहा कि उनका बेटा राष्ट्रीय टीम में वापसी कर सकता है और उसने पहले ही दलीप ट्रॉफी के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है.

उन्होंने कहा कि वह मानसिक रूप से बहुत मजबूत है, मैं चयन के बारे में टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन मैंने जो देखा है, वह अपनी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी कर रहा है, वह वेस्टइंडीज टीम की घोषणा के बाद उसी दिन नेट पर कड़ी मेहनत कर रहा था. उन्होंने कहा कि उसने दलीप ट्रॉफी की तैयारी शुरू कर दी है और काउंटी सर्किट पर खेलना जारी रखेगा, एक पिता और कोच के रूप में, मेरे लिए यह मानने का कोई कारण नहीं है कि वह वापसी क्यों नहीं कर सकता.

पुजारा (35 वर्ष) ने शनिवार को ट्विटर पर नौ सेकंड का वीडियो साझा किया है जिसमें वह बल्लेबाजी का अभ्यास करते हुए दिख रहे है.

इस दिग्गज बल्लेबाज को टीम से बाहर किये जाने पर पूर्व महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर भी निराशा जता चुके हैं. गावस्कर ने कहा कि पुजारा को बलि का बकरा बनाया गया.

उन्होंने पुजारा को टेस्ट टीम से बाहर किये जाने पर कहा कि सोशल मीडिया पर इस खिलाड़ी के फॉलोअर्स की संख्या विराट कोहली या रोहित शर्मा जैसी नहीं है, उनके लिए आवाज उठाने वाले ज्यादा लोग नहीं है. गावस्कर ने सवाल किया कि उन्हें हमारी बल्लेबाजी की विफलताओं के लिए बलि का बकरा क्यों बनाया गया है? वह भारतीय क्रिकेट के एक वफादार सेवक, एक शांत और सक्षम व्यक्ति रहे हैं, किसी भी मंच पर उनके लाखों फोलोवर नहीं हैं, जो उनके मामले में शोर मचाएंगे, उन्हें टीम से बाहर करना समझ से परे है.

इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा कि पुजारा को टीम से बाहर करना और विफल हुए अन्य खिलाड़ियों को टीम बनाये रखने का क्या मापदंड है? मैं इसके कारण के बारे में नहीं जानता क्योंकि आजकल चयन समिति के अध्यक्ष या ऐसे किसी भी व्यक्ति के साथ मीडिया की कोई बातचीत नहीं होती है जहाँ आप चयनकर्ताओं से सवाल कर सके. उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीसी फाइनल में अजिंक्य रहाणे को छोड़कर सभी बल्लेबाज विफल हुए थे तो टीम से बाहर सिर्फ पुजारा क्यों हुए.

सुनील गावस्कर के अलावा हरभजन सिंह ने कहा कि पुजारा टीम की रीढ़ की हड्डी है. हरभजन सिंह ने कहा कि अकेले पुजारा को ड्रॉप करना सही नहीं है, बेंचमार्क सभी के लिए एक जैसा होना चाहिए.

इनपुट- पीटीआई भाषा

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