Cheteshwar Pujara: Errors are accepted in T20 cricket but not In Tests
Cheteshwar Pujara (Getty Images)

टेस्ट स्पेशलिस्ट के तौर पर देखे जाने वाले भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी टी20 मैच में शानदार शतक जड़ा है। पुजारा की 61 गेंदो पर 100 रनों की इस पारी ने कई लोगों को हैरान किया है लेकिन पुजारा का कहना है कि उन्हें सीमित ओवर फॉर्मेट में अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा था।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने के बाद पुजारा अब टी20 फॉर्मेट में भी रन बना रहे हैं। उनका कहना है कि टेस्ट क्रिकेट की अच्छी फॉर्म का प्रभाव बाकी फॉर्मेट्स पर भी पड़ता है। हालांकि उन्होंने माना कि टेस्ट में टी20 फॉर्मेट के मुकाबले गलती की गुंजाइश बेहद कम होती है।

ईएसपीएन क्रिकइंफो को दिए इंटरव्यू में पुजारा ने अपनी शतकीय पारी पर बात की। उन्होंने कहा, “ये (शतक) खास था। इसकी उम्मीद थी क्योंकि पहले भी जब मुझे सीमित ओवर फॉर्मेट में मौका मिला है मैंने अच्छा ही किया है। मैं इस शतक से आश्चर्यचकित नहीं हूं लेकिन कई लोग जरूर हैं। मुझे पता था कि मेरे करियर के किसी स्टेज पर तो ये होना ही है और ये बिल्कुल सही समय है। मैं अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं। टेस्ट क्रिकेट में अच्छा फॉर्म आपको सीमित ओवर फॉर्मेट में मदद करता है। इससे आपको सही पोजीशन में आकर गेंद को पहले से पढ़ने में मदद मिलती है।”

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टी20 फॉर्मेट में अपनी बल्लेबाजी पर बात करते हुए पुजारा ने कहा, “मेरी बल्लेबाजी काफी सहज है। इसका कारण ये है कि यहां आपको तैयार रहना पड़ता है। कभी कभी आपको शॉट्स पहले से प्लान करने होते हैं। अगर आप गेंद को देखते हैं और आपको लगता है कि आपको इसके पीछे जाना चाहिए, आपको मूमेंटम के हिसाब से खेलना होता है। आपको निडर होना होता है। सीधी बात ये है कि अगर आपके अंदर किसी भी तरह का डर है तो उसे निकाल दें और अपने शॉट्स खेलें। कई बार आप गलती करेंगे जो कि इस फॉर्मेट में चलती है। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में गलती की गुंजाइश नहीं होती, यही अंतर है।”

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पुजारा से जब पूछा गया कि क्या इस शतक के जरिए वो उन्हें लेकर लोगों का नजरिया बदलना चाहते हैं, तो भारतीय क्रिकेटर ने कहा, “मैं (एक खिलाड़ी के प्रति बने खास नजरिए) सहमत हूं और इसे समझता हूं लेकिन मैं कभी कुछ साबित करने के लिए नहीं खेलता। इस पारी से मुझे बहुत आत्मविश्वास मिला है। यहां से चीजें बेहतर होंगी। एक बार आप अपने खेल पर भरोसा करने लगते हैं और एक बार जब आप किसी चीज पर काम करते हैं तो आपको उसका फायदा मिलता है। तब आपको लगता है कि आपको इसी तरीके के साथ आगे बढ़ना है।”

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गौरतलब है कि चेतेश्वर पुजारा लगातार दूसरी बार इंडियन प्रीमियर लीग में अनसोल्ड रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद पुजारा हर साल अपना नाम भेजते हैं और उनका आगे भी ऐसा ही करने का इरादा है। पुजारा ने कहा, “शायद दो बार मैं अनसोल्ड रहा हूं। मैं हर साल अपना नाम इसलिए देता हूं क्योंकि मुझे अपने वाइट-बॉल क्रिकेट पर आत्मविश्वास है, चाहे वनडे हो या टी20। अगर मैं नहीं चुना जाता हूं तो नहीं चुना जाता हूं लेकिन इस तरह के नतीजों से लोग मुझे नोटिस करेंगे। शायद फ्रेंचाइजी पर मुझ पर ध्यान देंगी। अगर इसके बाद भी मुझे नहीं चुना जाता तो भी मैं जो कर रहा हूं, वो करता रहूंगा। मैं किसी का नजरिए नहीं बदलना चाहता।”