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'पुजारा बेहतर व्यवहार के हकदार थे', पूर्व ओपनर ने बीसीसीआई सिलेक्टर्स को खूब सुनाया

चेतेश्वर पुजारा के बारे में रमन ने कहा कि उन्होंने देश विदेश में भारत को कई टेस्ट मैच जितवाए हैं. अगर सिलेक्टर समझते हैं कि पुजारा के लिए वापसी के रास्ते बंद हो गए हैं तो उन्हें बता देना चाहिए.

Cheteshwar Pujara

चेतेश्वर पुजारा बेहतर व्यवहार के हकदार

चेतेश्वर पुजारा को वेस्टइंडीज दौरे पर जाने वाली भारतीय टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया है. पुजारा को टीम से बाहर करने पर कई पूर्व क्रिकेटर्स ने हैरानी जताई है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 7 जून से खेले गए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में रन नहीं बना पाए थे.

इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट में ससेक्स काउंटी में बहुत अच्छी बल्लेबाजी की थी. उन्होंने कई शतक लगाकर यह उम्मीद जताई थी कि वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में काफी अच्छा प्रदर्शन करेंगे. लेकिन इस अहम मैच में वह सिर्फ 14 और 27 रन बना पाए.

भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज डब्ल्यूवी रमन ने भी पुजारा को टीम से बाहर करने पर अपनी सलाह दी है. उन्होंने कहा पुजारा को ड्रॉप करने पर चयन समिति पर करारा प्रहार किया है.

भारतीय महिला टीम के पूर्व कोच रमन ने कहा भारत ने टेस्ट टीम में चार सलामी बल्लेबाजों को मौका दिया है जबकि नंबर तीन के बल्लेबाज पुजारा को ड्रॉप कर दिया है. रमन ने कहा कि पुजारा ने भारत को देश और विदेश में टेस्ट जितवाने में अहम भूमिका अदा की है.

आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए रमन ने कहा, ‘समस्या यह है कि उन्होंने चार सलामी बल्लेबाज चुन लिए हैं. और उन्होंने पुजारा को ड्रॉप कर दिया है जो आपकी बल्लेबाजी की रीढ़ हैं. पुजारा जैसे क्रिकेटर ने भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत कुछ किया है उन्होंने देश और विदेश में कई मौकों पर भारत को जीत दिलाने पर अहम भूमिका निभाई है.’

रमन ने कहा कि पुजारा कुछ समय पहले तक टेस्ट टीम के उपकप्तान थे लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में असफल रहने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया है.

उन्होंने आगे कहा, ‘पुजारा काफी जुझारू खिलाड़ी हैं. हाल ही में उन्हें प्रमोशन देकर उपकप्तान बना दिया गया था. लेकिन हाल ही में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में असफलता के बाद उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. मुझे लगता है कि यह एक ऐसा फैसला था जो कई लोगों को पसंद नहीं आया होगा और निजी रूप से इस फैसले से सहमत नहीं हूं.’

पुजारा ने भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेले हैं. इसमें उन्होंने 43.61 के औसत से 7195 रन बनाए हैं. ऑस्ट्रेलिया में लगातार दो सीरीज जीतने में पुजारा ने अहम भूमिका निभाई थी.

पूर्व भारतीय ओपनर ने कहा कि अगर पुजारा के लिए दरवाजे बंद हो गए हैं तो उन्हें बेहतर तरीके से इसे समझाया जा सकता था.

उन्होंने कहा, ‘वह बेहतर व्यवहार के हकदार हैं. अगर उन्हें लगता है कि पुजारा के लिए अब वापसी के रास्ते बंद हो गए हैं तो उन्हें बेहतर विदाई दी जानी चाहिए थी. लेकिन कई बार ऐसा होता है. और यह पहली बार नहीं है. जहां तक इस तरह के व्यवहार की बात है तो ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है.’

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