भारतीय टेस्‍ट टीम के मजबूत स्‍तंभ चेतेश्‍वर पुजारा (Cheteswar Pujara) ने 2017 में ऑस्‍ट्रेलिया टीम के दौरे के दौरान बेंगलुरू टेस्‍ट के दौरान मेहमानों की करतूत को याद किया. पुजारा ने बताया कि पहली पारी के आधार पर पिछड़ने के बाद स्‍टीव स्मिथ (Steve Smith) की कप्‍तानी वाली टीम इस तरह से उन्‍हें स्‍लेज कर रही थी मानों वो मैच को जीत ही चुके हों, लेकिन भारत ने वापसी करते हुए उन्‍हें मात दी.

भारत चार मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला हारने के बाद बेंगलुरू पहुंचा था. नॉथन लियोन के आठ विकेट हॉल के चलते भारत 189 रन पर ऑलआउट हो गया. ऑस्‍ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन कर पहली पारी में बोर्ड पर 276 रन ठोक दिए थे. दूसरी पारी में चेतेश्‍वर पुजारा ने 92 और अजिंक्‍य रहाणे ने 52 रन बनाकर भारत को सम्‍मानजनक स्थिति में पहुंचाया. रविचंद्रन अश्विन ने छह विकेट निकाल मेहमानो को सस्‍ते मे निपटा दिया. भारत ने 75 रन से मैच में जीत दर्ज की.

चेतेश्‍वर पुजारा (Cheteswar Pujara) ने बताया, “बेंगलुरू टेस्‍ट की पहली पारी में हमने अच्‍छी बल्‍लेबाजी नहीं की थी. ऐसे में जब मैं खेलने जा रहा था तो मुझपर काफी दबाव था. पहली पारी के बाद अनिल कुंबले ने मुझसे नॉथन लियोन के खिलाफ खेलने के संबंध में बात की. मैं एनसीए (राष्‍ट्रीय क्रिकेट अकादमी) गया जहां कुछ पहलुओं पर काम किया जिन्‍होंने मेरी मदद भी की.”

“दूसरी पारी में बल्‍लेबाजी के लिए आते वक्‍त मुझपर काफी दबाव था. जिस तरह की चीजें उन्‍होंने स्‍लेज करने के लिए की मुझे लगता है कि वो जो भी करना चाहते थे उससे कुछ ज्‍यादा ही कर रहे थे. उनका सोचने का तरीका ऐसा था मानो वो मैच जीत ही चुके हैं.”

चेतेश्‍वर पुजारा (Cheteswar Pujara) ने बताया, “चाय काल तक मैं अजिंक्‍य रहाणे के साथ था. हम ड्रेसिंग रूम की तरफ आ रहे थे तो उन्‍होंने इस तरह से स्‍लेज किया जैसे मैच खत्‍म हो गया हो. बस वहीं से चीजें बदल गई.”