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किसान के बेटे ने खरीदी नई सिम, फिर आने लगे कोहली- डिविलियर्स के कॉल, जब राज खुला फिर...

मनीष ने 28 जून को अपने गांव से लगभग 8 किलोमीटर दूर देवभोग की एक मोबाइल दुकान से एक नया सिम खरीदा, उस नंबर पर कोहली, डिविलियर्स के कॉल आने लगे.

user-circle cricketcountry.com Written by Akhilesh Tripathi
Last Updated on - August 11, 2025 3:36 PM IST

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मडागांव गांव के एक युवक मनीष बिसी ने स्थानीय मोबाइल फोन की दुकान से सिम कार्ड खरीदा और जैसे ही उनका सिम एक्टिव हुआ, उस नंबर पर विराट कोहली और एबी डिविलियर्स के कॉल आने शुरू हो गए. यह कहानी फिल्मी पटकथा जैसी है, किसान के बेटे मनीष को भी पहले यह मजाक लगा, मगर जैसे ही पूरे मामले का पता चला, सभी हैरान रह गए.

दरअसल इस सिम कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर कभी उभरते हुए क्रिकेट स्टार रजत पाटीदार का था. जब मनीष और उनके दोस्त खेमराज ने व्हाट्सएप इंस्टॉल किया और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के कप्तान पाटीदार की प्रोफ़ाइल तस्वीर देखी, तो उन्हें लगा कि सिस्टम में कोई गड़बड़ी है, लेकिन इस नंबर पर कोहली और डिविलियर्स के कॉल आने लगे, शुरुआत में मनीष को यह मजाक लगा, मगर बाद में उन्हें पूरी सच्चाई पता चली.

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28 जून को खरीदा था सिम

किसान गजेंद्र बिसी के बेटे मनीष ने 28 जून को अपने गांव से लगभग 8 किलोमीटर दूर देवभोग की एक मोबाइल दुकान से एक नया जियो सिम ख़रीदा. मनीष ने शुरुआत में इसे मजाक समझा,स जब कॉल करने वालों ने खुद को कोहली, डिविलियर्स और यश दयाल बताया, हालांकि, दोनों ने वास्तविकता से दूर रहने की कोशिश की यह सोचकर कि यह सब दोस्तों की तरफ से की गई किसी शरारत का हिस्सा है.

रजत पाटीदार ने फोन कर वापस मांगा सिम

कहानी तब पलट गई जब 15 जुलाई को खुद पाटीदार ने फोन करके कहा, भाई, मेरा सिम वापस कर दो. मनीष को तब भी लगा कि यह एक शरारत है, जब तक कि पाटीदार के लहजे की गंभीरता का एहसास नहीं हुआ, जब उसने मामले को सुलझाने के लिए पुलिस भेजने की बात कही, कुछ मिनट बाद एक पुलिस टीम पहुंची, जिससे इस शरारत के किसी भी अनुमान पर विराम लग गया.

गरियाबंद की पुलिस उपाधीक्षक नेहा सिन्हा ने कहा कि 90 दिनों की निष्क्रियता के बाद दूरसंचार नीति के अनुसार सिम को निष्क्रिय कर दिया गया था और एक नए ग्राहक को सौंप दिया गया था, जो मनीष थे. उन्होंने कहा, मनीष को असल में उन क्रिकेटरों के फ़ोन आ रहे थे जो रजत पाटीदार के संपर्क में थे, पाटीदार ने मध्य प्रदेश साइबर सेल को सूचित किया कि उनका नंबर किसी और को दे दिया गया है और उन्होंने उसे वापस दिलाने का अनुरोध किया.

डिप्टी एसपी ने बताया कि मध्य प्रदेश साइबर सेल ने गरियाबंद पुलिस से संपर्क किया, जिसने मनीष और उनके परिवार से बात की और उनकी सहमति से हाल ही में सिम पाटीदार को वापस कर दिया गया. पुलिस उपाधीक्षक ने आगे कहा, इसमें किसी की ओर से कोई क़ानूनी समस्या या गलती नहीं थी, यह बस मानक दूरसंचार प्रक्रियाओं का नतीजा था.

मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं एक दिन विराट कोहली से बात करूंगा: खेमराज

कोहली के एक कट्टर प्रशंसक मनीष के दोस्त खेमराज ने उत्साह से कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं एक दिन विराट कोहली से बात करूंगा, और वह भी हमारे गांव से, जब एबी डिविलियर्स ने फ़ोन किया, तो उन्होंने अंग्रेज़ी में बात की, हमें एक शब्द भी समझ नहीं आया, लेकिन हम बहुत खुश थे. खेमराज ने आगे कहा, जब मनीष को फ़ोन आते थे, तो वह फ़ोन मुझे दे देता था, फ़ोन करने वाले, जो खुद को विराट कोहली और यश दयाल बताते थे, हमसे पूछते थे कि हम पाटीदार का नंबर क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं, हमने उन्हें बताया कि हमने नया सिम खरीदा है और यह हमारा नंबर है.

मनीष के भाई देशबंधु बिसी ने कहा कि गांव वाले बहुत खुश हैं क्योंकि यहां ज़्यादातर लोग आरसीबी के प्रशंसक हैं और कोहली और डिविलियर्स जैसे दिग्गजों से बात करना एक ऐसी चीज़ है जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता और अब भी यह एक सपने जैसा लगता है. देशबंधु ने खुशी से कहा, भले ही यह सब किसी गड़बड़ी की वजह से हुआ हो, लेकिन ये बातचीत पूरी तरह से किस्मत से हुई, लोग उन्हें देखने का सपना देखते हैं, हमें उनसे बात करने का मौका मिला.