Claims of spot-fixing in Al Jazeera’s Documentary are sleezy: PCB
Pakistan @Getty Images

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी अल ज़जीरा चैनल की डाक्यूमेंटरी में अपनी टीम और खिलाड़ियों पर लगाए स्पाट फिक्सिंग के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पीसीबी ने आधिकारिक बयान में कहा है कि टीवी चैनल द्वारा फुटेज दिए जाने के बाद ही मामले की जांच हो सकती है।

अल जजीरा की नई डाक्यूमेंटरी में कहा गया है कि पाकिस्तान के चार अंतरराष्ट्रीय मैच फिक्सर थे। पीसीबी ने कहा कि आईसीसी और उसकी अपनी भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई आरोपों की जांच कर रहे हैं। उसने बयान में कहा, ‘‘प्रसारक ने कोई सबूत पेश नहीं किये हैं लिहाजा ये सभी आरोप बेबुनियाद है।’’

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख जेम्स सदरलैंड ने भी चैनल के दावों को खारिज किया है और अल जज़ीरा से आग्रह किया है कि वो सभी गैर-संपादित सामग्री और जो भी सबूत उनके पास हैं, वो आईसीसी भ्रष्टाचार विरोधी यूनिट को दें। इंग्लिश क्रिकेटर मार्क वुड का भी कहना है कि जब तक चैनल कोई ठोस सबूत सामने नहीं लगाता उनकी किसी बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।

इससे पहले एक स्वतंत्र विधिवेत्ता रिटायर्ड जज मिलन हामिद फारूक ने टेस्ट क्रिकेटर नासिर जमशेद पर लगाए गए 10 साल के प्रतिबंध को सही ठहराया। जमशेद को पीसीबी की भष्ट्राचार निरोधक ट्रिब्यूनल ने 2017 के पाकिस्तान सुपर लीग टूर्नामेंट के दौरान स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाया था।

वहीं हाल ही में पाकिस्तान के ही क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने छह साल के बाद अपने ऊपर लगे स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों को स्वीकार किया। खबर है कि बोर्ड इस खिलाड़ी के खिलाफ फिर से जांच शुरू कर सकता है