इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन (Naseer Hussain) का कहना है कि कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने चौथे टेस्ट मैच के पांचवें दिन स्पिनर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) का चालाकी से इस्तेमाल किया जो इंग्लैंड के खिलाफ भारत को मिली जीत का एक कारण रहा।

हुसैन ने कहा कि एक तरफ कोहली जहां स्पिनर का इस्तेमाल करने में सफल रहे तो वहीं इंग्लैंड के कप्तान जो रूट चौथे दिन मोइन अली का इस्तेमाल सही ढंग से नहीं कर सके।

भारत ने चौथे टेस्ट में मिली जीत के बाद पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त ले ली है। भारत को इस वेन्यू पर दूसरी बार टेस्ट में जीत मिली है। इससे पहले उसने 1971 में जीत हासिल की थी।

हुसैन ने डेली मेल के लिए लिखे कॉलम में कहा, “कोहली ने जडेजा का चतुराई से इस्तेमाल किया जबकि रूट मोइन के साथ ऐसा नहीं कर सके। भारतीय कप्तान ने एक छोर से स्पिनर को लगाए रखा। रूट ने मोइन की अनदेखी की और तेज गेंदबाजों से ही गेंदबाजी कराते रहे।”

उन्होंने कहा, “जडेजा ने एक अन्य जगह भी बेहतर काम किया। उन्होंने हसीब हमीद और मोइन के विकेट लेने के अलावा लेग स्टंप को खुरदुरा किया जिससे रिवर्स स्विंग के लिए मौके बने।”

हुसैन ने कहा, “मैं इंग्लैंड की बल्लेबाजी की बहुत ज्यादा आलोचना नहीं कर सकता। यह ऐसा था कि टीम पूरी तरह ढेर हो गई। बिना किसी नुकसान के 100 रन बनाने से लेकर छह विकेट पर 147 रन बनाना ज्यादा चालाकी नहीं है। लेकिन कई बार आपको विपक्षी टीम को श्रेय देना होता है, विशेषकर जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी को। हम कई बार भूल जाते हैं कि विपक्षी टीम भी अच्छा खेलने के लिए स्वत्रंत है।”