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इस पेज-3 रिपोर्टर को बीसीसीआई में बड़ा पद देने को लेकर सीओए और अधिकारी आए आमने सामने
सीओए विनोद राय ने की नियुक्ति ताेे कायर्वाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने साइन करने से किया इंकार
Published On Mar 07, 2018, 11:34 AM IST
Last UpdatedMar 07, 2018, 11:34 AM IST
Vinod Rai © AFP
बीसीसीआई की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई प्रशासकों की कमेटी (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय से बीसीसीआई के अधिकारियों से विवाद की खबरें आम हैं। अक्सर छोटे छोटे मुद्दों पर अहम के टकराव की खबरे सामने आती रहती है। इस बार विनोद राय से टकराव की वजह फिल्मों में काम कर चुकी एक महिला बनी है। ये महिला पहले पेज-3 पत्रकार भी रह चुकी है। जिसके बाद उसने एक प्रड्क्शन हाउस के साथ भी काफी वक्त तक काम किया। विनोद राय और बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी इस महिला की नियुक्त के मसले पर अब आमने सामने आ गए हैं।अमिताभ ने एक ईमेल लिखकर विनोद राय की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर दिये हैं।
दरअसल, ये मसला बीसीसीआई में जीएम मर्केटिंग के पद पर इस अभिनेत्री की नियुक्त को लेकर शुरू हुआ। दैनिक जागरण अखबार में छपी खबर के मुताबिक विनोद राय और बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी इस महिला की जीएम मार्केटिंग के पद पर नियुक्ति करना चाहते हैं। महिला को सालाना बीसीसीआई को सेवाएं देने के लिए 1.65 करोड़ रुपये की रकम दी जानी है। विनोद राय और जौहरी की दो सदस्यीय समिति ने हाल ही में इस पद के लिए कई उम्मीदवारों को शार्टलिस्ट किया, जिसमें पेज-3 की महिला पत्रकार को भी शामिल किया गया है। इंटरव्यू के बाद उनकी इस पद पर नियुक्ति कर दी गई।अमिताभ ने इस उम्मीदवार के चयन पर गहरे प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा है कि इनका क्रिकेट और उसके विकास से जुड़ा बैकग्राउंड नहीं है। ऐसे में साक्षात्कार में इस महिला को क्यों चुना गया है। अमिताभ चौधरी ने इस महिला के नियुक्ति पत्र पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि इस महिला का नाम तो उम्मीदवारों की प्रारंभिक सूची में भी नहीं था।
विनोद राय और अमिताभ चौधरी के बीच इससे पहले डे-नाइट टेस्ट मैच कराने को लेकर भी विवाद हो चुका है। पहले विनोद राय ने अमिताभ की कार्यशैली को मुद्दा बनाया था। अब अमिताभ ने ई-मेल के माध्यम से अपनी भड़ास निकाली है। अखबार के मुताबिक इस ईमेल में लिखा गया है कि ये नियुक्ति बीसीसीआई की जनरल बॉडी की सहमति से नहीं हुई है। बीसीसीआई की 37 यूनिट मे से किसी को भी इसमें शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में मेरे पास अब ये अप्वाइंटमेंट लेटर आया है, जिसपर मैं अपने हस्ताक्षर नहीं कर सकता हूं। लिखा गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हमे लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करना है, लेकिन सिफारिशों में इस पद को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि खबर में महिला की पहचान उजागर नहीं की गई है।