COA chief Vinod Rai welcomes ‘excellent’ Supreme Court order on Lodha reforms
COA TEAM ©Getty Images

प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय ने बीसीसीआई पदाधिकारियों के लिए लगातार दो कार्यकाल के बाद एक निश्चित समय तक बाहर रहने की अनिवार्यता (कूलिंग ऑफ पीरियड) से संबंधित आदेश और बोर्ड के चुनावों के लिए मार्ग प्रशस्त करने का स्वागत किया।

बीसीसीआई के नए संविधान को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी
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लोढ़ा समिति के मूल सुधारों में तीन साल के एक कार्यकाल के बाद बाहर रहने की अनिवार्यता का प्रावधान था लेकिन आज के आदेश के बाद पदाधिकारी अब लगातार दो कार्यकाल के बाद एक निश्चित समय के लिए कोई पद नहीं संभाल पाएंगे।

नए फैसले का मतलब है कि वर्तमान कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और कार्यवाहक कोषाध्यक्ष अनिरूद्ध चौधरी एक अन्य कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ सकते हैं।

राय ने कहा, ‘ यह माननीय न्यायालय का उत्कृष्ट आदेश है। मुझे पदाधिकारियों के लगातार दो कार्यकाल पर कोई समस्या नहीं है। यहां तक कि मैं भी पहले चाहता था कि छह साल के कार्यकाल के बाद ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’शुरू हो लेकिन तब मुझे आम सहमति नहीं मिली थी।’

राय ने कहा कि आज के फैसले का दूसरा सकारात्मक पहलू शीर्ष अदालत द्वारा बीसीसीआई संविधान को स्वीकार करने के लिए समयसीमा तय करना है जिससे बोर्ड के चुनावों के लिए भी रास्ता साफ होगा लेकिन इसके लिए राज्य संघों को इसका शत प्रतिशत पालन करना पड़ेगा।

‘समय सीमा तय हो गई ‘

सीओए प्रमुख विनोद राय ने कहा, ‘ अब आखिर में हमारे पास एक खाका है जो नए संविधान को अपनाने के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा और फिर उसके बाद चुनाव होंगे। अब इसके लिए समयसीमा तय हो गई है।’

उन्होंने इस पर खुशी जताई कि सभी मूल सदस्यों के मतदान अधिकार बरकरार रखे गए हैं।

हम फैसले से खुश हैं : एडुल्‍जी

सीओए की एक अन्य सदस्य डायना एडुल्जी ने भी नए आदेश का स्वागत किया। एडुल्जी ने कहा, ‘ हम फैसले से खुश हैं। हमें सुप्रीम कोर्ट ने सुधारों पर निगरानी रखने के लिए नियुक्त किया था। अब न्यायालय ने अपने आदेश में संशोधन किया है और हमें यह देखना होगा कि इसे सही तरह से लागू किया जाए। मुझे उम्मीद है कि हर कोई इसका पालन करेगा और क्रिकेट आगे बढ़ेगा।’