बीसीसीआई © Getty Images
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त सीओए बीसीसीआई से खुश नजर नहीं आ रही है। माना जा रहा है कि सीओए लोढ़ा समिति की सिफारिशें लागू करने की बोर्ड की कोशिश से प्रभावित नहीं है। पिछले दिनों मुंबई मे हुई विशेष बैठक में बोर्ड ने लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर काम करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है जो बैठक की रिपोर्ट 10 जुलाई तक देगी। हालांकि अब सीओए ने इससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट देने का मन बना लिया है।

सोमवार को हुई बैठक में लोढ़ा समिति की सिफारिशों को अपनाने की बात की गई थी लेकिन सदस्यों ने एक बार फिर से अपने पैर पीछे खींचने का फैसला किया, जिसके कारण बैठक में सहमति नहीं बन सकी। बोर्ड लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने पर आनाकानी कर रहा है और सीओए बोर्ड के इस रवैसे से बिल्कुल खुश नहीं है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक सीओए पांच दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में देगी। आपको बता दें कि इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होनी है। सीओए ने सभी राज्य क्रिकेट संघों को इन सिफारिशों पर अमल करने के लिए कहा है, साथ ही उन्होंने ये भरोसा दिलाया है कि वो व्यावहारिक बिंदुओं को लेकर नर्मी बरतेगी। [ये भी पढ़ें: रवि शास्त्री के टीम इंडिया के कोच पद के लिए आवेदन करने पर क्या बोले सौरव गांगुली]

बीसीसीआई ने मंगलवार को राजीव शुक्ला (अध्यक्ष), सौरव गांगुली, टीसी मैथ्यू, नबा भट्टाचार्यजी, जे शाह, अनिरुद्ध चौधरी (बीसीसीआई कोषाध्यक्ष) और अमिताभ चौधरी (अभिनय सचिव, बीसीसीआई और संयोजक) शामिल सात सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है। ये समिति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के संबंध में अपनी रिपोर्ट पेश करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की पहचान करेगी।