CoA seeks in SC appointment of ombudsman to decide fate of Hardik Pandya and KL Rahul

भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य हार्दिक पांड्या और केएल राहुल के मामले में उच्चतम न्यायालय ने प्रशासकों की समिति (सीओए) के अनुरोध संज्ञान लिया है। सीओए ने महिला विरोधी टिप्पणियां करने वाले हार्दिक पंड्या और केएल राहुल के बारे में फैसला लेने के लिए तुरंत लोकपाल की नियुक्ति की मांग की थी।

न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और ए एम सप्रे की पीठ ने कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर मामले की सुनवाई करेंगे जब वरिष्ठ अधिवक्ता पी एस नरसिम्हा मामले में न्यायमित्र के रूप में पद संभाल लेंगे।

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उच्चतम न्यायालय ने नरसिम्हा को न्यायमित्र नियुक्त किया जब वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रहमण्यम ने मामले में न्यायमित्र बनने के लिये दी गई सहमति वापिस ले ली थी । सीओए की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पराग त्रिपाठी ने कहा कि न्यायालय को लोकपाल की सीधे नियुक्ति करनी चाहिये क्योंकि इन दोनों प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटरों के भविष्य पर तुरंत फैसला लेना है ।

राहुल और पांड्या ने एक टीवी शो में महिला विरोधी बयानबाजी करते हुए कहा था कि उनके कई महिलाओं से संबंध हैं और उनके माता पिता को इस पर ऐतराज नहीं है ।

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हार्दिक पांड्या और केएल राहुल को मामले के तूल पकड़ने के बाद बीच ऑस्ट्रेलिया दौरे से वापस भारत भेज दिया गया था। दोनों को मामले की जांच पूरी होने तक इंटरनेशनल क्रिकेट से निलंबित कर दिया गया था।