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- CoA tweak eligibility criteria for playing domestic cricket, Sourav Ganguly shows resentment
CoA के इस निर्णय से भड़के सौरव गांगुली, पत्र लिखकर जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के ढांचे में परिवर्तन के लिए विनोद राय को बीसीसीआई का प्रशासक नियुक्त किया है।
Published On Oct 30, 2018, 02:28 PM IST
Last UpdatedOct 30, 2018, 02:28 PM IST
Sourav Ganguly (File Photo) © IANS
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा समय में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल और बीसीसीआई की तकनीकी समिति के अध्यक्ष सौरव गांगुली इन दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए बीसीसीआई के प्रशासक (COA) के एक निर्णय से खासे नाराज हैं। वजह है भारत में घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए योग्यता के नियमों को बदला जाना।
पुराने नियम के मुताबिक किसी भी खिलाड़ी को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाकर क्रिकेट खेलने के लिए वहां एक साल का समय बिताना अनिवार्य है। सीओए ने सरकारी कर्मचारियों के बच्चों के लिए इस नियम में परिवर्तन किया है। कहा गया कि सरकारी कर्मचारियों के बच्चे माता-पिता का नए शहर में ट्रांसफर होने पर अपने परिजनों के ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेज व अन्य कागजी कार्रवाई के बाद उसी साल से नए शहर में घरेलू क्रिकेट खेल सकेंगे।
बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी भी पहले इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कर चुके हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान सौरव गांगुली ने कहा, “हम हैरान हैं कि बिना किसी प्रकार के विचार विमर्श के ही सीओए ने ये निर्णय ले लिया। ऐसा करना बीसीसीआई के संविधान के खिलाफ है।”
अखबार के मुताबिक अमिताभ चौधरी को लिखे ईमेल में गांगुली ने कहा, “मैं इस मामले में आपके विचार से पूरी तरह से सहमत हूं। बिना तकनीकी समिति से विचार विमर्श किए ये निर्णय ले लिया गया। यहां तक की तकनीकी समिति के निर्णय को नजरअंदाज का नया नियम पालन में लाया जा रहा है। ये पूरी तरह से अराजकता व अव्यवस्था फैलाने वाला है। ऐसा करना बीसीसीआई के बुनियादी संविधान के भी खिलाफ है। मैं उम्मीद करता हूं कि सीओए संबंधित समिति के महत्व को समझेंगे।”