सीओए की बैठक में हितो के टकराव मुद्दे पर होगी चर्चा

शनिवार को सुप्रीम कोर्ट की नियुक्त की गई प्रशासकों की समिति की बैठक का आयोजन किया जाएगा।

Edited By : Press Trust of India |Jun 28, 2019, 08:54 PM IST

Published On Jun 28, 2019, 08:54 PM IST

Last UpdatedJun 28, 2019, 08:54 PM IST

सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण, सचिन तेंदुलकर

प्रशासकों की समिति (सीओए) की शनिवार को होने वाली बैठक में हितों के टकराव के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है क्योंकि बीसीसीआई नैतिक अधिकारी डीके जैन ने वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली से क्रिकेट में कई भूमिकाओं में से एक का चयन करने को कहा था।

लोढा सिफारिशों में ‘एक व्यक्ति एक पद’ काफी अहम है और उच्चतम न्यायालय के पूर्व जज जैन ने कहा कि पूर्व भारतीय बल्लेबाज लक्ष्मण को तीन में से एक भूमिका को ही चुनना पड़ेगा। वो क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के सदस्य हैं जिसमें से उन्होंने हटने की पेशकश की है। वो आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटोर और कमेंटेटर भी हैं।

Add Cricket Country as a Preferred Source add cricketcountry as a preferred source

वहीं गांगुली भी विश्व कप में कमेंट्री कर रहे हैं और वो सीएससी के सदस्य के अलावा बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष और आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के सलाहकार भी हैं। सीओए के शनिवार को इस बैठक में जैन के आदेश पर विचार करने की उम्मीद है।

ऑस्ट्रेलिया को हरा विश्व कप सेमीफाइनल में जगह पक्की करना चाहेगी न्यूजीलैंड

जैन के आदेश को बीसीसीआई को लागू करना होगा। लेकिन उनके आदेश के हिसाब से इरफान पठान, पार्थिव पटेल और रॉबिन उथप्पा जैसे मौजूदा खिलाड़ियों को भी कमेंट्री से रोका जा सकता है। ये तीनों विश्व कप विशेषज्ञ के तौर पर विभिन्न मंचों से जुड़े हुए हैं।

बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘हितों के टकराव पर और अधिक स्पष्टता चाहिए। इसकी शुरूआत कहां से होती है और इसका अंत कहां है। मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता कि सक्रिय खिलाड़ी जो भी भारत के लिए नहीं खेल रहे, वे कमेंट्री कर रहे हैं जबकि वे घरेलू क्रिकेट में भी व्यस्त नहीं हैं।’’

जैन ने पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इस आदेश के आधार पर सक्रिय खिलाड़ियों के खिलाफ भी शिकायतें आ सकती हैं। उन्हें अब अपने दिमाग से काम लेना होगा और इस स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। मैं किसी को कमेंट्री करने से नहीं रोक रहा हूं। संविधान का नियम 38 एक समय में कई पद पर काबिज होने से रोकता है। मैंने ये फैसला किया है कि बीसीसीआई संविधान के तहत हितों का टकराव क्या है। ये खिलाड़ियों को तय करना है कि यह उन पर लागू होता है या नहीं। मैंने पहली बार इस नियम का अध्ययन किया और उसके आधार पर अपना फैसला दिया।’’

दो साल बाद एक बार फिर SA-SL मैच के दौरान हुआ अनोखा संजोग

बैठक में एक अन्य मुद्दे पर चर्चा होगी, वो राज्य संघों में निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति होगी जिसकी अंतिम समयसीमा एक जुलाई को समाप्त हो रही है। बीसीसीआई के चुनाव 22 अक्तूबर को होने हैं और राज्य इकाईयों में चुना 14 सितंबर तक पूरे हो जाने चाहिए। बीसीसीआई की आम सालाना बैठक में चुनाव के लिए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालास्वाी को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है।

Editor's Pick