कोरानावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले 21 दिनों के लिए पूरे देश को लॉकडाउन करने की घोषणा कर दी है. किसी भी व्‍यक्ति को अपने घर से निकलने की इजाजत नहीं है. ऐसे में अब बीसीसीआई पर आईपीएल 2020 को रद्द करने की तलवार भी लटकने लगी है.

इस वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए ही बीसीसीआई ने आईपीएल को 15 अप्रैल तक के लिए स्‍थगित कर दिया था. पिछले 10 दिनों में स्थिति और गंभीर होती चली जा रही है. ऐसे में देश को लॉकडाउन करना पड़ा. मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए आईपीएल 15 अप्रैल से शुरू हो पाने की संभावना न के बराबर है.

बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने न्‍यूज एजेंसी पीटीआई से कहा था कि गंभीर स्थिति को देखते हुए उनके पास इस मामले पर कहने के लिए कुछ नहीं है.

गांगुली ने कहा, ‘‘मैं फिलहाल कुछ नहीं कह सकता. हम उसी स्थान पर हैं जहां हम इसे निलंबित करने वाले फैसला लेते समय थे. पिछले 10 दिनों में कुछ भी नहीं बदला है. ऐसे में मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है. यथास्थिति बनी हुई है.’’

किंग्स इलेवन पंजाब के सह-मालिक नेस वाडिया ने कहा, ‘‘बीसीसीआई को वास्तव में आईपीएल को अब स्थगित करने पर विचार करना चाहिए. एक प्रमुख खेल आयोजन के तौर पर हमें बड़ी जिम्मेदारी के साथ काम करने की जरूरत है.’’

‘‘मई तक स्थिति में अगर सुधार होता है और मुझे आशा है कि ऐसा होगा तो भी हमारे पास कितना समय रहेगा. क्या तब विदेशी खिलाड़ियों को देश में प्रवेश करने की अनुमति होगी?’’

इससे पहले मंगलवार को बीसीसीआई ने अधिकारियों और टीम के मालिकों के सम्मेलन को स्थगित कर दिया गया था क्योंकि देश और दुनिया में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि जारी है.

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने न्‍यूज एजेंसी से कहा, ‘‘अगर ओलंपिक को एक साल के लिए स्थगित किया जा सकता है, तो आईपीएल उस लिहाज से बहुत छोटा टूर्नामेंट है. इसे आयोजित करना मुश्किल होता जा रहा. हमें इस बात को भी सोचना चाहिए की अभी सरकार विदेशी वीजा की अनुमति देने के बारे में भी विचार भी नहीं कर रही.’’

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ 21 दिन के लॉकडाउन के बाद अब यह लगभग असंभव सा होगा की चीजें सामान्य हो. लॉकडाउन हट गया तो भी 14 अप्रैल के बाद भी बहुत सारे प्रतिबंध जारी रहेंगे. ऐसे में लीग को रद्द नहीं करना मूर्खता होगी.’’