कोविड-19 महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद गौतम गंभीर ने देशवासियों से इसे गंभीरता से लेने का आग्रह किया है. गंभीर का कहना है कि जनता लॉकडाउन का पालन करे नहीं तो वो खुद के अलावा अपने परिवार की भी जान जोखिम में डालेंगे.

गंभीर ने सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए क्वेरंटाइन रहने के सरकार के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोग सुरक्षित रहने या जेल जाने का विकल्प चुन सकते हैं.

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पूरा भारत लॉकडाउन की तरफ बढ़ रहा है. ज्यादातर लोगों ने घर में रहते हुए रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ का पालन किया. हालांकि रात के नौ बजे के बाद बड़ी संख्या में लोग घर से बाहर निकल गए.

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गंभीर ने ट्वीट किया, ‘खुद भी जाएंगे और परिवार को भी ले जाएंगे. क्वारेंटाइन (पृथक) या जेल! पूरे समाज पर खतरा ना बने और घर पर रहें! जंग, नौकरी और व्यापार से नहीं, ज़िंदगी से है! ज़रूरी सेवायें देने वाले परेशान ना हों इसका भी ध्यान रखें! लाकडाउन का पालन करे. जय हिंद.’

कोरोना वायरस के संक्रमण से दुनियाभर में 15,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है जबकि भारत के 19 राज्यों ने लॉकडाउन की घोषणा की है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने भी लोगों से घर में रहने का आह्वान किया है.

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बीसीसीआई ने कहा, ‘अगर आप दुनिया के करोड़ों लोगों के लिए खेलने का सपना देखते है तो यही समय है. यही मौका है.’ भारत में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या 400 को पार कर गई है जबकि इसकी वजह से 7 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.