कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से भारत की मशहूर भारतीय प्रीमियर लीग (IPL) को 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने मिलकर ये फैसला लिया है। पूर्व कप्तान गांगुली ने हालिया बयान में ये भी कहा है कि अगर इस टूर्नामेंट का आयोजन होता भी है तो शायद तय शेड्यूल से कहीं कम दिन के लिए हो।

इस बीच टूर्नामेंट से जुड़े फ्रेंचाइजी मालिक और स्टेकहोल्डर्स ने साफ किया है कि उनके लिए खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा पहले आती है। आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान और किंग्स इलेवन पंजाब के सह मालिक नेस वाडिया इसी तरह के बयान दे चुके हैं। जिससे साफ है कि टूर्नामेंट में बड़ी रकम लगाने वाले इन लोगों के लिए भी स्वास्थ्य और सुरक्षा ही सर्वोपरि है।

वहीं आईएएनएस से बातचीत में लीग से जुड़े से एक सूत्र ने बताया कि मार्च के आखिर तक आईपीएल के आयोजन पर ठोस फैसला लिया जा सकता है।

सौरव गांगुली बोले- अगर आईपीएल होता है तो ये छोटा होगा

अधिकारी ने कहा, “कोई फैसला नहीं लिया गया है और केवल इस बात पर चर्चा की गई कि ये कैसी स्थिति है जो कि किसी के नियंत्रण में नहीं है। सभी स्टेकहोल्डर्स समझते हैं कि ये एक ऐसी स्थिति है, जिसमें सभी को साथ आने और एकसाथ खड़े होने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “बैठक में ये तय हुआ कि अगला फैसला महीने के अंत में लिया जाएगा क्योंकि इससे बीसीसीआई को ये समझने में अधिक समय मिलेगा कि कोरोनोवायरस के प्रकोप के संबंध में चीजें कैसे काम कर रही हैं और क्या आईपीएल को आयोजित किया जा सकता है।”

शाहरूख खान ने COVID-19 मामले और IPL को लेकर दिया बड़ा बयान

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि महीने के अंत तक इंतजार करने से ये समझने में मदद मिलेगी कि आगे क्या किया सकता है और क्या विदेशी खिलाड़ियों को यहां लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “इस समय ये एक महामारी है। लेकिन महीने के अंत तक इंतजार करने से आपको ये समझने के लिए 15-16 दिन मिलते हैं कि कोरोनोवायरस प्रकोप के संबंध में चीजें कैसे आगे बढ़ती है। कुछ विकल्पों पर चर्चा की गई है लेकिन हम महीने के अंत में इस पर कोई निर्णय लेंगे। अगर स्थिति में सुधार होता है तो बीसीसीआई सरकार से मदद के लिए कह सकता है ताकि विदेशी खिलाड़ी यहां आ सकें। लेकिन मौजूदा समय में लोगों का जीवन महत्वपूर्ण है और कुछ नहीं।”