अवैध गेंदबाजी एक्शन का झट से पता लगा लेगा ये ऐप

इसके बारे में सोचने की जरूरत इसलिए भी है क्योंकि क्रिकेटरों को इस बारे में तब पता चलता है जब वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आ चुके होते हैं। इसको लेकर आधारभूत स्तर पर ध्यान नहीं दिया जाता।

Edited By : Devbrat Bajpai |Feb 03, 2017, 12:01 PM IST

Published On Feb 03, 2017, 12:01 PM IST

Last UpdatedFeb 03, 2017, 12:01 PM IST

Picture courtesy: BD Sports News 24 on YouTube
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सईद अजमल ने पाकिस्तान की ओर से 35 टेस्ट खेले और 28.10 की औसत से 178 विकेट लिए। वहीं 113 वनडे मैचों में उन्होंने 22.72 की औसत से 184 विकेट ले डाले। अजमल का गेंदबाजी एक्शन पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज सकलैन मुश्ताक जैसा ही था। अजमल ने अपनी घूमती हुई गेंदों के दमपर पाकिस्तान को कई मैचों में जीत दिलाई यहां तक कि उन्होंने भारतीय महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को आईसीसी वर्ल्ड कप 2011 में खासा परेशान किया था। हालांकि, तीन साल बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने से प्रतिबंधित कर दिया गया। बायो- मैकेनिक एनालिसिस बताते हैं कि नियमों के मुताबिक गेंद फेंकने के दौरान गेंदबाजी का हाथ 15 डिग्री तक ही मुड़ना चाहिए। लेकिन अजमल का हाथ 15 डिग्री से ज्यादा मुड़ता था।

हालांकि, अजमल अकेले खिलाड़ी नहीं हैं जिन्हें अवैध गेंदबाजी एक्शन के कारण प्रतिबंधित किया गया। भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को साल 2015 में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान बायो- मैकेनिक एनालिसिस से गुजरने को कहा गया था जब उनकी ऑफ स्पिन ने गेंदबाजी के नियमों का उल्लंघन किया था। हालांकि, ये और बात है कि उनको इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ा क्योंकि वह मुख्य रूप से बल्लेबाज हैं। ये भी पढ़ें: मैं तीसरे स्थान पर खुलकर बल्लेबाजी करता हूं: सुरेश रैना

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वर्ल्ड टी20I, 2016 के दौरान बांग्लादेश के तेज गेंदबाज तस्किन अहमद और बाएं हाथ स्पिन गेंदबाज आराफात सनी को अवैध गेंदबाजी एक्शन होने के कारण निलंबित कर दिया गया था। इस फेर में तो श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन भी आ चुके हैं। इस लिहाज से क्रिकेट के लिए ये कोई नई बात नहीं है।

इसके बारे में सोचने की जरूरत इसलिए भी है क्योंकि क्रिकेटरों को इस बारे में तब पता चलता है जब वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आ चुके होते हैं। इसको लेकर आधारभूत स्तर पर ध्यान नहीं दिया जाता। जाहिर है कि तकनीकी, ट्रेनिंग फी से ज्यादा महंगी होती है। हालांकि, हाल फिलहाल में एक नई तकनीकी आई है जो आईसीसी के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली तकनीकी से बहुत सस्ती है। दरअसल, एक ऐप(CricFlex) के माध्यम से गेंदबाज जांच पाएंगे कि उनका गेंदबाजी एक्शन सही है या गलत।

ईएसपीएनक्रिकइन्फो के साथ साक्षात्कार में अब्दुल्ला अहमद(CricFlex के सीईओ) ने कहा, “CricFlex में कुछ भिन्न प्रकार के गति सेंसर हैं, जैसे आपके मोबाइल फोन में होते हैं। और इन गति सेंसर से हम सटीक कोहनी कोणों को(गेंद फेंकने के शुरू करने से फेंकने तक) मांप सकते हैं इस तरह हम अंदाजा लगा सकते हैं कि गेंद वैध रूप से फेंकी गई है या अवैध रूप से। इसके बाद पूरा डेटा आपके मोबाइल फोन में भेज दिया जाता है। इसमें गेंदबाज और कोच के लिए पूरा ग्राफिकल डिस्प्ले होता है।” इस ऐप की कीमत US$250 से 300 तक है जो बायो- मैकेनिक लैब में किए जाने वाले टेस्ट से बहुत सस्ता है। बायो मैकेनिक लैब में इसकी कुल लागत US$ 404,000 लग जाती है।

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