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पूर्व दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने कहा- सैंडपेपर गेट की और गंभीरता से जांच करे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया

सैंडपेपर विवाद के आरोपियों में से एक कैमरून बैनक्रॉफ्ट ने हाल ही में बयान दिया था कि टीम के सीनियर गेंदबाजों को इस बारे में पूरी जानकारी थी।

user-circle cricketcountry.com Written by India.com Staff
Last Published on - May 17, 2021 3:48 PM IST

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist) का कहना है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को सैंडपेपर गेट में और गहरी जांच करनी चाहिए वर्ना ये विवाद हमेशा उनके सिर पर मंडराता रहेगा।

साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच केपटाउन में खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट कैमरे पर अपनी पैंट में कुछ छुपाते हुए पकड़े गए। अंपायर के दखल देने पर पता चला कि बैनक्रॉफ्ट सैंडपेपर छुपा रहे थे, जिसका इस्तेमाल मेहमान टीम गेंद को चमकाने के लिए कर रही थी।

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दिन का खेल खत्म होन के बाद तत्कालीन कप्तान स्टीव स्मिथ ने अपनी गलती मानी थी। जिसके बाद कप्तान स्मिथ और उप कप्तान स्मिथ पर एक साल और बैनक्रॉफ्ट पर 9 महीनेल का बैन लगाया गया था। अब बैनक्रॉफ्ट ने ये कहकर कि टीम के सीनियर कुछ गेंदबाजों को भी इस बात की जानकारी थी, मामले को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

इस पर बात करते हुए गिलक्रिस्ट ने एसईएन रेडियो के पॉडकास्ट में कहा, “ये हमेशा मंडराता रहेगा, चाहे वो किसी की किताब हो या किसी एड-हॉक (समिति सदस्य) का इंटरव्यू। आखिर में नाम सामने आ ही जाएंगे।”

पूर्व दिग्गज ने कहा, “मुझे लगता है कि कुछ लोग हैं जिन्होंने इसे दबाकर रखा और सही समय आने पर खुलासा करने के लिए तैयार है। मुझे लगता है कि इस बारे में लगातार सवाल पूछे जाने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया जिम्मेदार है। जब उन्होंने उस समय अपनी जांच की थी, उनके पास पैटी हॉवर्ड जनरल मैनेजर और इयान रॉय इंटीग्रिटी ऑफिसर थे। वो वहां गए और घटना का रीव्यू किया और शायद टीम में किसी को इस बारे में पता भी नहीं था।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया वहां नहीं जाना चाहती थी। वो बॉल टैंपरिंग के साधारण से विवाद से आगे जांच नहीं करना चाहते थे। वो ये जांच नहीं करना चाहते थे कि ये पहले से बनाई योजना थी या नहीं, जो काफी समय से चलती आ रही है। विश्व क्रिकेट में, सालों पहले से मान लिया गया था कि कई टीमें ऐसा करती हैं।”