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KKR की नैया पार नहीं लगा पाने से दुखी हैं रिंकू, बताया क्‍यों पिता ने छोड़ा था खाना?

रिंकू सिंह ने मैच में 15 गेंदों पर 40 रनों की तेज तर्रार पारी खेली लेकिन मैच की पांचवीं गेंद पर वो आउट हो गए और लखनऊ ने हारी हुई बाजी अपने नाम कर ली.

कोलकाता नाइटराइडर्स (LSG vs KKR) को बुधवार रात हाई स्‍कोरिंग मैच में करीबी शिकस्‍त झेलनी पड़ी. आखिरी ओवर में केकेआर को जीत के लिए 21 रन चाहिए थे. रिंकू सिंह (Rinku Singh) ने पहली तीन गेंदों पर ही एक चौका और दो छक्‍के जड़कर केकेआर की मैच में वापसी कराई. हालांकि इसके बावजूद भी वो श्रेयस अय्यर की टीम को जीत नहीं दिला पाए. 15 गेंदों पर 40 रन बनाने वाले रिंकू सिंग ने मैच के बाद कहा कि टीम की नैया पार नहीं करा पाने का उन्‍हें मलाल है.

चुनौतीपूर्ण रहे बीते 5 साल

उत्‍तर प्रदेश के इस बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने कहा कि उनके करियर के पिछले पांच साल चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन चोट के समय में भी उन्होंने आत्मविश्वास नहीं खोया. केकेआर के आधिकारिक फेसबुक पेज पर अपलोड किए गए एक वीडियो पर रिंकू ने कहा, “मैं इतने लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहकर खुश नहीं था. मेरे पिता ने 2-3 दिनों तक खाना नहीं खाया. तब मैंने उनसे कहा कि चोट क्रिकेट का हिस्सा है. मैं अपने जीवन का एकमात्र कमाने वाला हूं, जिसमें अगर मुझे चोट लग जाए तो यह परिवार के लिए चिंता का विषय बन जाता है.”

“5 साल मेरे लिए वास्तव में कठिन थे. पहले साल के बाद जब मुझे केकेआर के लिए चुना गया और मुझे खेलने का मौका मिला, तो मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका. फिर भी केकेआर ने मुझ पर बहुत भरोसा जताया और उन्होंने मुझे अगले सीजन के लिए बरकरार रखा.”

PBKS ने नहीं दिया था मौका

12 अक्टूबर 1997 को अलीगढ़ में जन्मे रिंकू को पंजाब ने 2017 में चुना था, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला. 2018 की नीलामी में कोलकाताने 80 लाख रुपये में चुना था. वह 2021 तक केकेआर के साथ रहे, जब वे घुटने की चोट के कारण आईपीएल से बाहर हो गए थे और बाद में उनकी जगह गुरकीरत सिंह मान ने ले ली थी.

हालांकि उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन उनकी शानदार कार्य नैतिकता, दोस्ताना स्वभाव और किसी भी तरह से टीम में योगदान करने की इच्छा ने उन्हें फ्रेंचाइजी के लिए प्रेरित किया और केकेआर ने उन्हें इस साल फरवरी में आईपीएल 2022 के लिए फिर से खरीदा.

विजय हजार के दौरान फिर लगी चोट

उन्होंने आगे बताया कि, “मैंने क्रिकेट में कड़ी मेहनत की. टीम ने कभी नहीं सोचा था कि मैं नीचे था. पिछला साल मेरे लिए काफी कठिन था क्योंकि विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान डबल रन के दौरान मेरे घुटने में चोट लग गई थी. उन्होंने मुझे बताया कि मुझे ऑपरेशन की जरूरत है और ठीक होने के लिए 6-7 महीने की आवश्यकता होगी. मैं थोड़ा दुखी था, लेकिन मुझे पता था कि मैं जल्दी ठीक हो जाऊंगा क्योंकि मुझे विश्वास था.”

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